शासकीय भवनों पर ‘अजय भवन’ लिखवाने पर बिथरे ठाकुर मनोहर सिंह, विधायक पर कसा तंज

पाटन-मझौली विधानसभा क्षेत्र में शासकीय सामुदायिक भवनों के नामकरण को लेकर राजनीतिक पारा गरमा गया है।

 

मझौली/जबलपुर 

पाटन क्षेत्र के  ठाकुर मनोहर सिंह ने सोशल मीडिया (फेसबुक) पर एक बेहद तीखा और बेबाक पोस्ट साझा करते हुए क्षेत्रीय विधायक पर सीधे तौर पर ‘गुंडागर्दी’ और ‘गैर-कानूनी दबाव’ बनाने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने तंज कसते हुए विधायक की इस कवायद को “कथित कद्दावर दादा की जिद” करार दिया है।

 शासकीय संपत्तियों पर निजी नामकरण का विरोध

ठाकुर मनोहर सिंह ने अपने पोस्ट में लिखा कि पाटन-मझौली विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न ग्राम पंचायतों में शासन द्वारा स्वीकृत सामुदायिक भवनों का निर्माण कराया जा रहा है। इनमें से कई भवन बनकर तैयार हो चुके हैं, तो कुछ अभी निर्माणाधीन हैं। आरोप है कि जो भवन बनकर तैयार हो चुके हैं, उन पर क्षेत्रीय विधायक बलपूर्वक अजय भवन” लिखवा रहे हैं।

विधायक की इस जिद पर आड़े हाथों लेते हुए मनोहर सिंह ने लिखा:

शायद दादा यह भूल गए कि किसी सार्वजनिक शासकीय भूमि, भवन या सड़क पर अपना नाम लिखवाने के लिए पहले तो अच्छे कर्म करने पड़ते हैं और दूसरा, उसके लिए मरना पड़ता है। मरणोपरांत ही कर्मों के अनुसार नामकरण की संभावना बनती है।”

श्रेय लेने की कुलबुली थी, तो कलेक्टर से लेते अनुमति”

मनोहर सिंह ने प्रशासनिक नियमों का हवाला देते हुए कहा कि प्रत्येक शासकीय कार्य की एक तय नियमावली होती है। यदि शासन स्तर से नामकरण का कोई आदेश पास होता, तो वह पूरे प्रदेश के लिए लागू होता। उन्होंने विधायक पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि दादा को नाम लिखाने और श्रेय लेने की इतनी ही ‘कुलबुली’ (जल्दबाजी) हो रही थी, तो उन्हें पंचायतों से प्रस्ताव पारित करवाकर जिला कलेक्टर को भेजना चाहिए था और वहां से कानूनी अनुमति लेनी चाहिए थी। लेकिन यहाँ नियमों को ताक पर रखकर जनपद के सी.ई.ओ., सरपंच और सचिवों पर दबाव बनाया जा रहा है।

 बरखेड़ा उद्घाटन की ‘इनसाइड स्टोरी’: भड़के दादा!

पोस्ट में हाल ही की एक घटना का जिक्र करते हुए सनसनीखेज दावा किया गया है। मनोहर सिंह के मुताबिक, जनपद पंचायत पाटन की ग्राम पंचायत छैडी़ बरखेड़ा के ग्राम बरखेड़ा में जब ‘दादा’ सामुदायिक भवन का उद्घाटन करने पहुंचे, तो वहां भवन पर “अजय भवन” नहीं लिखा देख वे आग बबूला हो गए। गुस्से में आकर उन्होंने मौके पर ही मौजूद शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों की जमकर क्लास लगा दी। मनोहर सिंह ने इसे विधायक की “कमअक्ली और बेकार की जिद” बताया है।

अधिकारियों और सरपंच-सचिवों को खुली चेतावनी: “हो जाओगे शहीद”

ठाकुर मनोहर सिंह ने इस पूरे मामले में स्थानीय अधिकारियों, सरपंचों और सचिवों को दोटूक परामर्श और चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि विधायक की इस जिद के चक्कर में सरकारी अमला बुरी तरह फंस सकता है।

मनोहर सिंह ने आगाह करते हुए लिखा:

 “दादा का कुछ नहीं बिगड़ेगा। यदि इस मामले की जांच हुई, तो आपके पास कोई जवाब नहीं होगा कि आपने एक शासकीय भवन पर किसी व्यक्ति विशेष का नाम कैसे लिखवा दिया? दादा ने पहले भी कई लोगों को (राजनीतिक रूप से) शहीद कर दिया और स्वयं बच गए। इसी तरह यह ‘अजय भवन’ भी कई लोगों को शहीद करेगा।”

उन्होंने अंत में सख्त लहजे में कहा कि भले ही विधायक ने इन भवनों की स्वीकृति कराई हो, लेकिन वे भवन विधायक की निजी संपत्ति नहीं हैं। अगर अधिकारी और कर्मचारी समय रहते नहीं चेते, तो वे एक गैर-कानूनी कार्य का हिस्सा बनने के दुष्परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहें।

ठाकुर मनोहर सिंह के इस फेसबुक तंज के बाद पाटन-मझौली के राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। सोशल मीडिया पर यह पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है और जनता के बीच इस बात को लेकर बहस छिड़ गई है कि क्या वाकई विकास कार्यों की आड़ में शासकीय नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं? अब देखना यह है कि इस तीखे हमले पर क्षेत्रीय विधायक या प्रशासनिक अधिकारियों की क्या प्रतिक्रिया आती है।

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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