क्षेत्र में लगातार गहराते बिजली संकट और विभागीय उदासीनता से बेहाल किसानों व ग्रामीणों के सब्र का बांध अब टूट चुका है।
मझोली (जबलपुर)
भारतीय किसान संघ (महाकौशल प्रांत) की मझोली तहसील इकाई ने विद्युत समस्याओं को लेकर विभाग और प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संघ ने मुख्य अभियंता (सिहोरा-मझोली) एवं कनिष्ठ यंत्री (विद्युत विभाग, मझोली) को ज्ञापन सौंपकर अघोषित कटौती पर लगाम लगाने और बुनियादी बुनियादी ढांचे में सुधार की पुरजोर मांग की है।
अघोषित कटौती और लो-वोल्टेज से खेती-किसानी ठप
भारतीय किसान संघ के तहसील अध्यक्ष वीरेन्द्र पटेल एवं तहसील मंत्री रंजीत पटेल के नेतृत्व में किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों को लेकर तीखा आक्रोश जताया। किसान नेताओं ने बताया कि मझोली और आसपास के ग्रामीण अंचलों में रात के समय भारी अघोषित बिजली कटौती की जा रही है। वहीं, गंभीर लो-वोल्टेज की समस्या के कारण सिंचाई पंप और घरेलू उपकरण शो-पीस बनकर रह गए हैं, जिससे किसानों की फसलें सूखने की कगार पर पहुँच गई हैं।
ज्ञापन में उठाई गईं 5 प्रमुख मांगें:
घरेलू बिजली की निर्बाध आपूर्ति: ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष रूप से रात्रि के समय की जा रही अघोषित बिजली कटौती को तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए।
132 KV सब-स्टेशन की स्वीकृति: लो-वोल्टेज की गंभीर और पुरानी समस्या का स्थायी समाधान करने के लिए मझोली क्षेत्र में 132 KV क्षमता का सब-स्टेशन शीघ्र स्वीकृत किया जाए।
रानीताल सब-स्टेशन जल्द हो शुरू: रानीताल स्थित निर्माणाधीन सब-स्टेशन के कार्य में तेजी लाकर इसे अविलंब चालू किया जाए ताकि सप्लाई का दबाव कम हो सके।
ओवरलोड ट्रांसफार्मरों का अपग्रेडेशन: अधिक लोड झेल रहे ट्रांसफार्मरों की क्षमता में तुरंत वृद्धि की जाए (25 KV के स्थान पर 63 KV तथा 63 KV की जगह 100 KV के ट्रांसफार्मर स्थापित हों)।
जले/फेल ट्रांसफार्मर अविलंब बदलें: क्षेत्र में बंद पड़े ट्रांसफार्मरों को प्राथमिकता पर बदला जाए। (विशेष रूप से ग्राम सरोदा में जयकुमार राजपूत का 25 KV एवं ग्राम पडवार में रामदयाल काछी का 25 KV का ट्रांसफार्मर तत्काल बदला जाए)।
किसान संघ के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि बिजली विभाग ने ज्ञापन में शामिल बिंदुओं पर समय रहते त्वरित और ठोस कार्रवाई नहीं की, तो संघ चुप नहीं बैठेगा।
“बिजली की आंख-मिचौली ने ग्रामीण जनजीवन और खेती दोनों को पूरी तरह तबाह कर दिया है। यदि हमारी जायज मांगों का निराकरण शीघ्र नहीं हुआ, तो भारतीय किसान संघ सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन और चक्काजाम करने के लिए मजबूर होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग एवं स्थानीय प्रशासन की होगी।”
वीरेन्द्र पटेल, तहसील अध्यक्ष (भारतीय किसान संघ मझौली




