सरकारी जमीन को निजी जागीर समझने वाले अतिक्रमणकारियों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है।
मझौली (जबलपुर)
जबलपुर जिले की मझौली तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम नरीला में शासकीय भूमि पर अवैध रूप से कब्जा करने वाले एक रसूखदार पर तहसीलदार न्यायालय ने बड़ी कार्रवाई की है। न्यायालय ने न केवल अतिक्रमणकारी को दोषी पाते हुए उस पर ₹7,000 का अर्थदंड (जुर्माना) लगाया है, बल्कि जमीन खाली न करने पर बलपूर्वक बेदखली की चेतावनी भी दी है।
हल्का पटवारी की रिपोर्ट पर हुई कार्रवाई
मामला केस संख्या 0231-68/25-26 का है। हल्का पटवारी (हल्का नं. 22) की ओर से न्यायालय में एक प्रतिवेदन पेश किया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, ग्राम नरीला के शासकीय खसरा नंबर 179, 180 और 181 की कुल 0.50 हेक्टेयर (आदेश में सुधार के अनुसार लगभग 0.60 हेक्टेयर) की कीमती भूमि पर अनावेदक नवनीत राय (पिता रामसहाय राय) द्वारा फसल बोकर, मकान बनाकर और बाड़ी लगाकर अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया था।
अतिक्रमणकारी ने कोर्ट में कबूला जुर्म
पटवारी के प्रतिवेदन के आधार पर तहसीलदार न्यायालय ने प्रकरण दर्ज कर अतिक्रमणकारी नवनीत राय को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। न्यायालय की सख्ती के आगे अनावेदक को झुकना पड़ा और उसने लिखित जवाब प्रस्तुत कर शासकीय भूमि पर अपने अवैध कब्जे की बात स्वीकार कर ली।
न्यायालय ने अनावेदक के इस कृत्य को मध्य प्रदेश भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 248 (1) के तहत गंभीर और दंडनीय अपराध माना।
तहसीलदार ने सुनाया कड़ा फैसला
तहसीलदार मझौली (जबलपुर) ने मामले की गंभीरता को देखते हुए निम्नलिखित कड़े निर्देश जारी किए:
₹7,000 का अर्थदंड: दोषी नवनीत राय पर ₹7,000 का जुर्माना लगाया गया, जिसे तत्काल सरकारी खजाने में जमा करने के आदेश दिए गए।
बलपूर्वक बेदखली की चेतावनी: अतिक्रमणकारी को निर्देशित किया गया है कि वह स्वेच्छा से अवैध कब्जा हटाकर न्यायालय को सूचित करे। यदि कब्जा नहीं हटाया गया, तो प्रशासन बलपूर्वक (पुलिस बल के साथ) अतिक्रमण जमींदोज करेगा।
अतिक्रमणकारी से ही वसूला जाएगा खर्च: बलपूर्वक कब्जा हटाने में बुलडोजर या लेबर आदि का जो भी हर्जा-खर्चा होगा, वह पूरी राशि अतिक्रमणकारी से ‘बकाया भू-राजस्व’** की तरह सख्ती से वसूल की जाएगी।
पृथक से बेदखली आदेश: न्यायालय ने इस मामले में बेदखली का आदेश (Eviction Order) पृथक से जारी करने के निर्देश दिए हैं।
आरोपी ने चुकाया जुर्माना, पर मंडरा रहा बुलडोजर का साया
न्यायालय के डंडे के बाद डरे सहमे आरोपी नवनीत राय ने **31 मार्च 2026** को रात 08:17 बजे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के माध्यम से ₹7,000 की जुर्माना राशि (चालान संख्या: MPT0029310320260013142) ऑनलाइन सरकारी कोष में जमा कर दी है।
प्रशासन का कड़ा संदेश:
तहसील कार्यालय के सूत्रों के मुताबिक, जुर्माना राशि जमा होने का मतलब यह कतई नहीं है कि कब्जा वैध हो गया है। जुर्माना सिर्फ अवैध कृत्य की सजा है। यदि तय समय सीमा के भीतर जमीन से फसल, मकान और बाड़ी नहीं हटाई गई, तो प्रशासन का बुलडोजर चलना तय है। इस कार्रवाई से क्षेत्र के अन्य भू-माफियाओं और सरकारी जमीन पर नजर गड़ाए बैठे लोगों में हड़कंप मच गया है




