डाकघर बना भ्रष्टाचार व लापरवाही का अड्डा: बिना भेजे स्पीड पोस्ट दिखाया ‘डिस्पैच’, पूर्व में सब्दर खान के अवैध वसूली मामले पर भी लीपापोती का आरोप

भारतीय डाक विभाग की ‘त्वरित और पारदर्शी’ सेवाओं को मझौली स्थित डाकघर के अधिकारियों और कर्मचारियों ने पूरी तरह से ठप्प कर दिया है।

मझौली/जबलपुर 

लगातार सामने आ रहे फर्जीवाड़ों और अनियमितताओं के बावजूद वरिष्ठ अधिकारियों का मौन रहना अब डाक विभाग की नीयत पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। हाल ही में स्पीड पोस्ट गायब करने का नया मामला सामने आया है, जिसने डाकघर की कार्यप्रणाली को पूरी तरह कटघरे में खड़ा कर दिया है।

 फर्जीवाड़े की नई कड़ी: बिना भेजे स्पीड पोस्ट दिखाया ‘डिस्पैच’

ताजा मामले के अनुसार, स्पीड पोस्ट (ट्रैकिंग नंबर: 10986 98632525IN ) के जरिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण दस्तावेज दमोह जिले की वटियागढ़ तहसील के ग्राम वेल खेड़ी भेजा जाना था।

 प्रेषक: सुंदर लाल बर्मन (वार्ड नं. 12, मझौली, जबलपुर)

 प्राप्तकर्ता: श्री सुरेन्द्र सिंह लोधी (ग्राम- वेल खेड़ी, पोस्ट- अंजनी, तहसील- वटियागढ़, जिला- दमोह)

नियमानुसार मझौली डाकघर से इस डाक को बुकिंग के बाद दमोह जिले के लिए रवाना किया जाना था। लेकिन यहाँ पदस्थ लापरवाह कर्मचारियों ने डाक को दमोह भेजने के बजाय स्थानीय स्तर पर ही सिस्टम और कागजों में फर्जी तरीके से ‘डिस्पैच’ दर्ज कर निपटा दिया

नागरिकों का कहना है कि यह केवल एक सेवा दोष नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं के समय का दुरुपयोग और पैसों का सीधा वित्तीय धोखा है।

 पुराना रिकॉर्ड भी दागदार: सब्दर खान के अवैध वसूली मामले पर साधी चुप्पी

स्थानीय ग्रामीणों और उपभोक्ताओं में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि मझौली पोस्ट ऑफिस में यह कोई पहला मामला नहीं है।

इसके पहले भी मझौली पोस्ट ऑफिस में पदस्थ कर्मचारी सब्दर खान द्वारा अनधिकृत/अतिरिक्त बाहरी व्यक्ति को बैठाकर आम उपभोक्ताओं से अवैध वसूली करने का बड़ा मामला सामने आ चुका है।

हैरानी की बात यह है कि इतनी गंभीर अनियमितता और आर्थिक शोषण के उजागर होने के बावजूद विभागीय उच्च अधिकारियों ने मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया। अधिकारियों के इस “संरक्षण वाले रवैये” के कारण ही कर्मचारियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे बेखौफ होकर गलत ट्रैकिंग स्टेटस दर्ज कर रहे हैं और जनता को मानसिक व आर्थिक क्षति पहुँचा रहे हैं।

मझौली क्षेत्र के निवासियों का आरोप है कि यहाँ की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है:

 1. पोर्टल पर फर्जी अपडेट: बिना डाक पहुँचाए ‘डिलीवर’ या बिना भेजे ‘डिस्पैच’ दिखाना।

 2. अवैध वसूली: अनाधिकृत लोगों के माध्यम से काम कराने के नाम पर पैसे ऐंठना।

 3. अभद्र व्यवहार:जब उपभोक्ता अपने रुके हुए काम या डाक के सिलसिले में सवाल पूछते हैं, तो कर्मचारी उनके साथ बदसलूकी करते हैं।

क्षेत्रीय नागरिकों और पीड़ितों ने डाक विभाग के मुख्य पोस्टमास्टर जनरल (CPMG) और प्रवर अधीक्षक से सीधी मांग की है:

 * कर्मचारी सब्दर खान के पुराने अवैध वसूली मामले और वर्तमान स्पीड पोस्ट फर्जीवाड़े की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच कराई जाए।

 * दोषी कर्मचारियों व अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) किया जाए।

 * पीड़ित उपभोक्ता को हुई आर्थिक और मानसिक क्षति का उचित मुआवजा दिया जाए।

यदि डाक विभाग के आला अधिकारियों ने इस बार भी मामले को दबाने की कोशिश की, तो क्षेत्रीय जनता और पीड़ित उपभोक्ता मझौली पोस्ट ऑफिस का घेराव कर तालाबंदी व उग्र प्रदर्शन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी डाक प्रशासन की होगी।

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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