मीसाबंदी के पुत्र की दुकान सड़क पर फेंकी: 20 साल पुराने टपरे को उखाड़कर गुंडागर्दी, विरोध करने पर जान से मारने की धमकी

थाने रोड स्थित शासकीय भूमि खसरा नंबर 375 पर कब्जे का विवाद; पीड़ित ने लगाई FIR और न्याय की गुहार

मझौली  (जबलपुर)

थाना मझौली अंतर्गत थाने रोड पर बीते 20 वर्षों से दुकान चलाकर अपने परिवार का जीविकोपार्जन कर रहे एक वृद्ध एवं असहाय व्यवसायी का टपरा उखाड़कर सड़क पर फेंकने और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर मामला प्रकाश में आया है। पीड़ित व्यवसायी का आरोप है कि दबंग अनावेदकों ने एकराय होकर न केवल उनकी आजीविका के साधन को नष्ट कर दिया, बल्कि सरेराह गाली-गलौज करते हुए गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी।

इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं, जहाँ इतनी गंभीर घटना के बाद भी पुलिस ने केवल असंज्ञेय अपराध प्रतिवेदन (NCR) दर्ज कर पीड़ित को कोर्ट जाने की सलाह देकर अपना पल्ला झाड़ लिया है।

मामला क्या है? ताम्रपत्र से सम्मानित परिवार की सरेराह बेइज्जती

वार्ड क्रमांक 02, मझौली निवासी *सुरेंद्र कुमार कोष्टा (उम्र 64 वर्ष), पिता स्वर्गीय गणेश प्रसाद कोष्टा ने पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को दी शिकायत में बताया कि वे ग्राम मझौली (प.ह.नं. 21) स्थित खसरा नंबर 375 की शासकीय भूमि पर पिछले 15-20 वर्षों से लोहे/टीन का टपरा रखकर दुकान संचालित करते आ रहे थे।

 पारिवारिक पृष्ठभूमि: पीड़ित के पिता पूर्व में मीसाबंदी रहे हैं, जिन्हें शासन-प्रशासन द्वारा ताम्रपत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया था

 घटना का क्रम: विगत 27 जुलाई को सुबह लगभग 10:00 बजे जब पीड़ित अपनी दुकान पर काउंटर व हिलिया (टपरा) व्यवस्थित कर रहे थे, तभी अनावेदकों द्वारा पहले ईंट गिराकर काम रोकने का प्रयास किया गया।

  इसके बाद अनावेदक बसंता सैनी, राकेश सैनी एवं राजीव उर्फ कन्जा सैनी (सभी निवासी वार्ड नं. 09, मझौली) ने एकराय होकर पीड़ित का लोहे व टीन का टपरा उठाकर सड़क किनारे फेंक दिया। जब पीड़ित ने हाथ जोड़कर अपनी रोजी-रोटी का हवाला दिया, तो अनावेदकों ने अशोभनीय शब्दों का प्रयोग करते हुए कहा— ज़्यादा करोगे तो जान से मार देंगे!”

 चश्मदीद गवाह: घटना के प्रत्यक्षदर्शी मोहल्ले के रोहित कोष्टा एवं अमित कोष्टा बताए गए हैं।

सरकारी पट्टे की जमीन अवैध रूप से बेचने का संगीन आरोप

पीड़ित सुरेंद्र कुमार कोष्टा ने अपनी शिकायत में एक और बड़ा पर्दाफाश करते हुए आरोप लगाया है कि अनावेदकों का मकान जिस शासकीय खसरा नंबर 375 पर बना है, वह भूमि शासन द्वारा पट्टे पर दी गई थी। परंतु, अनावेदकों ने नियमों को ताक पर रखकर उस शासकीय पट्टे की भूमि को अन्य निजी व्यक्तियों को अवैध रूप से बेच दिया है—जो कि भू-राजस्व नियमों एवं आपराधिक कानूनों के तहत सीधा अपराध

हालांकि, स्थानीय नागरिकों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि सार्वजनिक सड़क पर टपरा फेंकने, गाली-गलौज करने और सरेआम जान से मारने की धमकी देने जैसी दबंगई पर कठोर धाराओं में एफआईआर दर्ज क्यों नहीं की गई?

 पीड़ित की मुख्य मांगें:

 1. दबंगई करने वाले तीनों अनावेदकों पर तत्काल मूल FIR दर्ज की जाए।

 2. पीड़ित की आजीविका के साधन (टपरे व दुकान) को पुनः उसी स्थान पर स्थापित कराया जाए।

 3. शासकीय पट्टे की भूमि को अवैध रूप से बेचने के मामले की उच्च स्तरीय राजस्व जांच कराकर सख्त दंडात्मक कार्यवाही की जाए।

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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