अवैध निर्माण पर SDM कोर्ट का बड़ा फैसला: चारागाह की सरकारी जमीन से हटेगा कब्जा, तहसीलदार का बेदखली आदेश बरकरार

शासकीय चारागाह की कीमती भूमि पर अवैध कब्जे और निर्माण के हाई-प्रोफाइल मामले में राजस्व अदालत ने सख्त रुख अपनाया है।

मझौली/ (जबलपुर)

अनुविभागीय अधिकारी (SDM) न्यायालय सिहोरा ने बेदखली आदेश के खिलाफ दायर अपील को खारिज करते हुए तहसीलदार मझौली के फैसले को पूरी तरह सही ठहराया है। कोर्ट के इस कड़े रुख के बाद अब 5400 वर्गफुट सरकारी जमीन पर किए गए अवैध टीन शेड निर्माण पर बुलडोजर चलने की राह साफ हो गई है।

क्या है पूरा मामला?

मामला नगर परिषद मझौली के वार्ड क्रमांक 8/13 (बावली मोहल्ला) स्थित ग्राम मझौली (प.ह.नं. 21) के खसरा नंबर 382 (कुल रकबा 0.5870 हेक्टेयर) का है, जो राजस्व अभिलेखों में दर्ज शासकीय चारागाह मद की भूमि है।

 शिकायत और तत्काल स्थगन (Stay):

   आवेदक अटल कुमार चौरसिया (पिता सत्यनारायण चौरसिया) ने तहसीलदार न्यायालय में शिकायत दर्ज कराई थी कि अनावेदक आकाश कुमार, यश कुमार, रितिक कुमार एवं कुंदन लाल चौरसिया द्वारा उक्त चारागाह भूमि पर अवैध निर्माण किया जा रहा है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तहसीलदार न्यायालय ने 16 दिसंबर 2025 को अंतरिम स्थगन आदेश जारी कर निर्माण पर तत्काल रोक लगा दी थी।

 पटवारी जांच में खुलासा व बेदखली का फरमान:

   हल्का पटवारी तेज सिंह ठाकुर की जांच रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि खसरा नंबर 382 के दो हिस्सों—36 × 100 वर्गफुट (3,600 sq ft) तथा 18 × 100 वर्गफुट (1,800 sq ft)—कुल 5,400 वर्गफुट सरकारी जमीन पर अनावेदकों द्वारा अवैध रूप से टीन शेड लगाकर टपरा बना लिया गया है।

   इस आधार पर तहसीलदार मझौली ने मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 248 के तहत कार्यवाही करते हुए **25 फरवरी 2026** को अनावेदकों को 7 दिन के भीतर स्वयं कब्जा हटाने का आदेश दिया था।

SDM कोर्ट में अपील खारिज, दलीलें नहीं आई काम

तहसीलदार के इस आदेश को चुनौती देते हुए अनावेदक/अपीलार्थी आकाश, यश और रितिक चौरसिया ने SDM न्यायालय सिहोरा में प्रथम अपील (रा.प्र.क्र. 0233/अपील/2025-26) दायर की।

अपीलार्थियों ने तर्क दिया कि वे कई वर्षों से काबिज हैं, संपत्ति कर जमा कर रहे हैं और पट्टा नीति के तहत पात्र हैं। हालांकि, SDM कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें और अधीनस्थ न्यायालय के रिकॉर्ड का सूक्ष्म अवलोकन करने के बाद पाया कि:

 1. विवादित भूमि राजस्व रिकॉर्ड में शासकीय चारागाह दर्ज है।

 2. अपीलार्थी भूमि पर अपने विधिक अधिकार का कोई भी वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सके।

 3. तहसीलदार न्यायालय द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया पूरी तरह न्यायसंगत है।

इसके बाद, SDM न्यायालय ने 16 जून 2026 को अपील को आधारहीन मानते हुए खारिज कर दिया और बेदखली के मूल आदेश को स्थिर रखा।

अब आगे क्या? बलपूर्वक हटाया जाएगा कब्जा, वसूला जाएगा खर्च

SDM कोर्ट से अपील खारिज होने के बाद अब प्रशासन द्वारा सख्त रुख अपनाने की तैयारी है। न्यायालय के आदेशानुसार यदि अतिक्रामकों द्वारा स्वयं कब्जा नहीं हटाया जाता है, तो राजस्व और पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में बलपूर्वक कब्जा हटाया जाएगा। इस कार्यवाही में होने वाला समस्त हर्जा-खर्चा और व्यय अतिक्रामकों से बकाया भू-राजस्व की भांति वसूला जाएगा।

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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