इन्द्राना पंचायत में ₹13.94 लाख के गबन का सनसनीखेज मामला: विकास राशि से रोजगार सहायक व उनके पिता का खाता लबालब

‘पंचायत दर्पण’ पोर्टल पर एंट्री से खुला भ्रष्टाचार का बड़ा खेल ग्रामीणों ने कमिश्नर और जिला पंचायत CEO से लिखित शिकायत कर जताई नाराजगी*

 निष्पक्ष जांच, पद से बर्खास्तगी और एफआईआर की उठी जोरदार मांग

इंद्राना/ मझौली (जबलपुर)

मध्यप्रदेश शासन की अतिमहत्वाकांक्षी योजनाओं के तहत ग्रामीण अंचल के विकास और कायाकल्प के लिए भेजी जाने वाली सरकारी निधि में भारी सेंधमारी का बड़ा मामला उजागर हुआ है। जनपद पंचायत मझौली के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत इन्द्राना में पदस्थ ग्राम रोजगार सहायक (GRS) पर ₹13,94,000 (तेरह लाख चौरानवे हजार रुपये) की वित्तीय हेराफेरी, पद के दुरुपयोग और भारी अनियमितता के गंभीर आरोप लगे हैं।

ऑनलाइन पोर्टल से बेनकाब हुआ कारनामा

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत में फर्जीवाड़े की बू आने पर ग्रामीणों व शिकायतकर्ताओं द्वारा विभागीय डिजिटल प्लेटफॉर्मों की पड़ताल की गई। जब ‘पंचायत दर्पण’ एवं ‘मेरी पंचायत’ पोर्टल पर दर्ज बिलों, वाउचरों तथा भुगतानों के ऑनलाइन रिकॉर्ड का सूक्ष्म विश्लेषण किया गया, तब शासकीय धन की बंदरबांट का यह चौंकाने वाला सच सामने आया।

आरोप है कि विभिन्न विकास योजनाओं, निर्माण कार्यों एवं जनकल्याणकारी मदों के नाम पर स्वीकृत करीब ₹13.94 लाख की राशि को गांव के विकास कार्यों में खर्च करने के बजाय कूटचरित तरीकों से सीधे रोजगार सहायक तथा उनके पिता के निजी बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया गया।

जनपद पंचायत के अफसरों की चुप्पी पर संगीन सवाल

ग्राम पंचायत इन्द्राना के इस चर्चित मामले ने जनपद पंचायत कार्यालय मझौली में पदस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका तथा उनके मॉनिटरिंग सिस्टम को सीधे तौर पर कटघरे में खड़ा कर दिया है।

क्षेत्रीय जनता यह सवाल उठा रही है कि:

 * *बिना सांठगांठ के कैसे हुआ ट्रांसफर? इतने बड़े पैमाने पर शासकीय खातों से व्यक्तिगत बैंक खातों में राशि का ट्रांसफर होता रहा और जनपद स्तर के जिम्मेदार अफसरों को भनक तक नहीं लगी*?

 * सुपरविजन में बड़ी चूक: क्या तकनीकी परीक्षण व उच्चाधिकारियों के डिजिटल हस्ताक्षर के बिना इतना बड़ा भुगतान संभव है?

 * खानापूर्ति का खेल: जांच के नाम पर महीनों फाइलें दबाने और आरोपियों को संरक्षण देने का खेल कब तक चलता रहेगा?

ग्रामीणों की हुंकार: वसूली के साथ दर्ज हो आपराधिक मामला

भ्रष्टाचार के इस खुलासे के बाद इन्द्राना सहित आसपास के पूरे क्षेत्र में जबरदस्त आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों एवं शिकायतकर्ताओं ने जबलपुर कमिश्नर तथा जिला पंचायत सीईओ को ज्ञापन सौंपकर त्वरित व कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

प्रमुख मांगें:

 * तत्काल पदमुक्ति: आरोपी रोजगार सहायक को बिना किसी देरी के सेवा से बर्खास्त किया जाए।

 * शत-प्रतिशत वसूली: गबन की गई पूरी राशि ₹13.94 लाख की भू-राजस्व की भांति कुर्की कर रिकवरी की जाए।

 * अपराधिक प्रकरण (FIR): पद का दुरुपयोग कर अमानत में खयानत करने वाले रोजगार सहायक व इसमें शामिल सभी सह-आरोपियों पर संबंधित थाना क्षेत्र में एफआईआर (FIR) दर्ज कर जेल भेजा जाए।

अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस गंभीर मामले में क्या रुख अपनाता है या फिर जांच का चक्रव्यूह रचकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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