किसानों के हक में करणी सेना परिवार का आर-पार का ऐलान: 7 अक्टूबर से जबलपुर कलेक्ट्रेट में अनिश्चितकालीन धरना

धान, मूंग, गेहूं के रुके भुगतान समेत 8 सूत्रीय मांगों पर अड़ा संगठन; पुलिस व प्रशासन को थमाई सूचना

  भावांतर योजना का पुरजोर विरोध, एमएसपी (MSP) की कानूनी गारंटी और 24 घंटे बिजली की मांग

 * जिला अध्यक्ष दीपक सिंह चौहान बोले—’मांगें पूरी होने तक कलेक्ट्रेट परिसर में ही डटे रहेंगे किसान‘

जबलपुर

किसानों की उपज के बकाया भुगतान, एमएसपी की कानूनी गारंटी और कृषि संकट से जुड़े अहम मुद्दों को लेकर करणी सेना परिवार (टीम जीवन सिंह शेरपुर) ने जबलपुर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पूर्व में सौंपे गए ज्ञापनों पर कोई ठोस कार्रवाई न होने से आक्रोशित संगठन ने आगामी 7 अक्टूबर (बुधवार) से जबलपुर कलेक्टर कार्यालय में किसानों के साथ अनिश्चितकालीन शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन का अल्टीमेटम दिया है।

शनिवार को करणी सेना परिवार के जिला अध्यक्ष दीपक सिंह चौहान के नेतृत्व में स्थानीय पुलिस प्रशासन एवं कलेक्टर महोदय के नाम विधिवत सूचना पत्र प्रेषित कर शांति व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की मांग की गई है।

ज्ञापन पर सुनवाई नहीं, अब मैदान में होगा फैसला

करणी सेना परिवार के पदाधिकारियों का कहना है कि सरकार और प्रशासन किसानों के साथ केवल छलावा कर रहे हैं। धान, मूंग और गेहूं बेचने के बाद भी किसान महीनों से अपने ही पैसे के लिए चक्कर काट रहे हैं। संगठन के जिला अध्यक्ष दीपक सिंह चौहान ने स्पष्ट किया कि किसानों की धैर्य की सीमा अब समाप्त हो चुकी है। जब तक प्रशासन और सरकार 8 सूत्रीय मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेते, तब तक कलेक्ट्रेट के सामने यह शांतिपूर्ण धरना अनवरत जारी रहेगा।

ये हैं करणी सेना परिवार की प्रमुख 8 मांगें:

 * 12% ब्याज सहित भुगतान: धान, मूंग और गेहूं का अटका हुआ भुगतान किसानों को तुरंत 12 प्रतिशत ब्याज के साथ दिया जाए।

 * MSP की कानूनी गारंटी: किसान विरोधी ‘भावांतर योजना’ को तत्काल बंद कर सरकार फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी लागू करे।

 * पंचायत स्तर पर खरीदी केंद्र: किसानों की सहूलियत के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर ही गेहूं, धान, मूंग, मक्का समेत सभी फसलों की सरकारी खरीदी की व्यवस्था बने।

 * मक्का की समर्थन मूल्य पर खरीदी: जबलपुर जिले में इसी सत्र से मक्के की समर्थन मूल्य पर खरीद सुनिश्चित हो और किसानों का तत्काल पंजीयन शुरू किया जाए।

 * 24 घंटे बिजली आपूर्ति: उद्योगों और व्यापारियों की तर्ज पर अन्नदाता किसानों को भी खेती के लिए निर्बाध 24 घंटे बिजली दी जाए।

 * 48 घंटे में भुगतान का कानून: विधानसभा में कानून पारित कर व्यवस्था बनाई जाए कि खरीद पर्ची कटने के ठीक 48 घंटे के भीतर भुगतान सीधे किसान के खाते में पहुंचे।

 * पल्लेदारी की सीधी राशि: पल्लेदारी की राशि समितियों के खातों में भेजने के बजाय सीधे वास्तविक किसानों के बैंक खातों में अंतरित की जाए।

 * पराली पर FIR बंद हो: पराली जलाने को लेकर किसानों पर दर्ज होने वाले मुकदमे तुरंत बंद किए जाएं। शासन प्रत्येक गांव में पराली प्रबंधन उपकरण मुहैया कराए, अन्यथा किसान अपने स्तर पर फसल अवशेष के निपटारे को विवश होंगे।

जिले भर से जुटेंगे किसान

आंदोलन की रूपरेखा को लेकर संगठन स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। ग्रामीण अंचलों में संपर्क अभियान चलाकर किसानों को 7 तारीख को कलेक्ट्रेट पहुंचने का आह्वान किया जा रहा है। प्रदर्शन की सूचना के बाद जिला प्रशासन और पुलिस महकमे में भी हलचल तेज हो गई है। संगठन ने दो टूक कहा है कि आंदोलन पूरी तरह गांधीवादी और शांतिपूर्ण रहेगा, लेकिन प्रशासन ने यदि टालमटोल की नीति अपनाई, तो इसका व्यापक असर पूरे संभाग में देखने को मिलेगा।

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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