एसडीएम की ‘दो टूक’ चेतावनी को ठेंगा, उमरिया ढिरहा में दिन दहाड़े फिर गरजीं माफियाओं की मशीनें!

बड़ी कार्रवाई के ठीक बाद उमरिया-ढिरहा में बेखौफ जारी है अवैध खनन का काला खेल

उमरिया ढिरहा/ मझौली:

 प्रशासन के खौफ का खत्म होना कहें या सफेदपोश आकाओं का वरदहस्त! मझौली प्रशासन द्वारा खनिज माफियाओं के खिलाफ की गई अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की स्याही अभी सूखी भी नहीं थी कि माफियाओं ने फिर से धरती का सीना चीरना शुरू कर दिया है। एसडीएम की सख्त चेतावनी के ठीक बाद उमरिया और ढिरहा दिन के उजाले के साथ रात के अंधेरे में बेखौफ तरीके से अवैध उत्खनन जारी है, जो सीधे तौर पर प्रशासनिक इकबाल को खुली चुनौती है।

क्या थी एसडीएम की वो दो टूक चेतावनी?

पिछली बड़ी कार्रवाई के बाद मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों ने साफ लहजे में कहा था:

माफिया चाहे कितना भी रसूखदार हो, किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उमरिया-ढिरहा सहित पूरे क्षेत्र में अवैध उत्खनन पर यह प्रहार आगे भी इसी तरह जारी रहेगा!”

लेकिन धरातल की हकीकत यह है कि इस ‘महावज्रपात’ और चेतावनी का असर माफियाओं पर २४ घंटे भी नहीं रहा। करोड़ों की मशीनें ज़ब्त होने के बावजूद, नए हौसले और नई गाड़ियों के साथ उमरिया-ढिरहा की खदानों में फिर से पीला पंजा (JCB) और पोकलेन मशीनें गरजने लगी हैं।

 बड़े सवाल: आखिर माफियाओं को किसका संरक्षण?

इतनी हिम्मत कहाँ से आती है? जब संयुक्त टीम ने आधी रात को छापा मारकर करोड़ों का माल ज़ब्त किया, तो फिर कुछ ही दिनों के भीतर उसी जगह पर दोबारा खनन शुरू करने का दुस्साहस कैसे हुआ?

 कौन दे रहा है इनपुट? क्या माफियाओं को प्रशासनिक हलचल की पल-पल की खबर पहले ही मिल जाती है?

 सिर्फ दिखावे की कार्रवाई? ग्रामीण अब सवाल उठा रहे हैं कि क्या यह कार्रवाई सिर्फ सुर्खियां बटोरने के लिए थी, क्योंकि धरातल पर अवैध उत्खनन का सिंडिकेट आज भी उतना ही मजबूत है।

 ग्रामीणों में आक्रोश, अब आर-पार की लड़ाई!

प्रशासन की शुरुआती कार्रवाई से ग्रामीणों में जो उम्मीद जगी थी, वह अब गुस्से में बदल रही है। उमरिया और ढिरहा के स्थानीय निवासियों का कहना है कि भारी-भरकम ओवरलोड डंपरों के कारण सड़कें बर्बाद हो रही हैं और प्राकृतिक संपदा को लूटा जा रहा है।

अब देखना यह है कि अपनी ही चेतावनी को ठेंगा दिखाने वाले इन बेखौफ माफियाओं पर एसडीएम और उनकी टीम अगला क्या ‘एक्शन’ लेती है, या फिर माफिया इसी तरह कानून का मखौल उड़ाते रहेंगे!

 क्या प्रशासन इन रसूखदार माफियाओं के हौसले पस्त कर पाएगा? अपनी राय कमेंट बॉक्स में दें और इस खबर को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें!

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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