सांसद-विधायक निधि और आंगनबाड़ी निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक संपन्न
ढीमरखेड़ा आजीविका मिशन के अधिकारी की बिना सूचना अनुपस्थिति पर वेतन रोकने के निर्देश
सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर ने कहा- “गर्मी में ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल की उपलब्धता हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता”
कटनी (मझौली दर्पण समाचार)
जिला पंचायत के सभाकक्ष में मंगलवार को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की एक हाई-प्रोफाइल समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में जिला पंचायत सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए शासकीय कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त लहजे में चेतावनी दी। आंगनबाड़ी भवन निर्माण कार्य में लापरवाही पाए जाने पर सुश्री कौर ने दो उपयंत्रियों को शोकाज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए, वहीं बैठक से बिना सूचना नदारद रहने वाले एक अधिकारी को अवैतनिक करने की कार्रवाई की।
लापरवाही पर गिली गाज: शोकाज नोटिस और वेतन कटौती
समीक्षा के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत स्वीकृत आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण में अत्यधिक लापरवाही और धीमी प्रगति पाई गई। इस पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए जिला पंचायत सीईओ ने जनपद पंचायत रीठी के दो उपयंत्रियों— चेतन सोनी और अमित गुप्ता को तत्काल कारण बताओ (शोकाज) नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही, एनआरएलएम (राज्य आजीविका मिशन) की समीक्षा के दौरान जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा में लोक सेवकों द्वारा हितग्राहियों के खाते खोलने में रुचि न लेने पर कड़ी फटकार लगाई गई। बैठक में बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित रहने पर एबीएम सुधीर बिंद के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए उन्हें अवैतनिक (वेतन रोकने) करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए।
समय-सीमा और गुणवत्ता से समझौता नहीं
बैठक में विकासखंड वार सांसद निधि, विधायक निधि, मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), स्वच्छ भारत मिशन, वाटर शेड, एनआरएलएम, प्रधानमंत्री पोषण आहार योजना और वृंदावन योजना सहित अन्य विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। सीईओ सुश्री कौर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि:
सांसद एवं विधायक निधि तथा अन्य योजनाओं से स्वीकृत सभी निर्माणाधीन व अपूर्ण कार्यों को तय समय-सीमा के भीतर, तकनीकी मानकों का पालन करते हुए गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण कराया जाए।”
उन्होंने मुख्यमंत्री जन कल्याण संबल योजना 2.0 सहित केंद्र और राज्य सरकार की सभी हितग्राहीमूलक योजनाओं का लाभ त्वरित रूप से जरूरतमंद नागरिकों तक पहुंचाने पर जोर दिया।पेयजल की उपलब्धता सर्वोच्च प्राथमिकता
भीषण गर्मी के मौसम को देखते हुए जिला पंचायत सीईओ ने स्पष्ट किया कि ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की सबसे पहली प्राथमिकता है। उन्होंने जल जीवन मिशन के तहत संचालित अपूर्ण नल-जल योजनाओं को ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित करने से पहले उनका भली-भांति भौतिक परीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने दो टूक कहा कि पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। इसके साथ ही ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के कार्यों को भी समय पर पूर्ण कर सीसी (Completion Certificate) जारी करने को कहा गया।
इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में सहायक कलेक्टर श्लोक वाइकर, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी अनुराग मोदी, जिला कार्यक्रम अधिकारी वन श्री कुवैती, परियोजना अधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह, मनरेगा परियोजना अधिकारी ऋषि राज चढ़ार, स्वच्छ भारत मिशन के जिला प्रबंधक कमलेश सैनी और सहायक परियोजना अधिकारी डॉ. मृगेंद्र सिंह सहित सभी जनपद स्तरीय अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।