मध्य प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त और मजबूत बनाने के उद्देश्य से नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग में एक बड़ा फेरबदल किया है।
भोपाल/जबलपुर
शासन स्तर से जारी नवीनतम आदेश के तहत प्रदेश के कई मुख्य नगर पालिका अधिकारियों (CMO) और राजस्व अधिकारियों (Revenue Officers) के तबादले कर दिए गए हैं।
चुनावी रणनीतियों और स्थानीय निकायों के कामकाज में कसावट लाने के लिहाज से इस तबादला सूची को बेहद अहम माना जा रहा है।
प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की कवायद
नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे और प्रशासनिक दृष्टिकोण से बदले जाने वाले अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। शासन का मुख्य उद्देश्य स्थानीय निकायों (नगर निगम, नगर पालिका और नगर परिषदों) के विकास कार्यों में तेजी लाना और राजस्व संग्रहण की व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाना है।
इन अधिकारियों पर गाज और इन्हें मिली नई कमान
तबादला सूची में कई प्रमुख शहरों और कस्बों के मुख्य नगर पालिका अधिकारी शामिल हैं, जिनके कार्यक्षेत्रों में तत्काल प्रभाव से बदलाव किया गया है। इसके साथ ही, निकायों में वित्तीय और जमीनी व्यवस्था संभालने वाले राजस्व अधिकारियों को भी इधर से उधर किया गया है।
मझौली दर्पण अपडेट: सूत्रों के मुताबिक, यह फेरबदल प्रशासनिक कसावट के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर आ रही कामकाज की शिकायतों और जनहित के प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करने के दबाव के चलते किया गया है। तबादला सूची से जुड़ी विस्तृत नामवार जानकारी जल्द ही विभागीय पोर्टल पर भी अपडेट की जा रही है।
मझौली दर्पण टिप्पणी: स्थानीय निकायों के कामकाज में आएगी तेजी?
नगरीय निकायों का सीधा सरोकार आम जनता की मूलभूत सुविधाओं (सड़क, पानी, सफाई और पीएम आवास जैसी योजनाएं) से होता है। ऐसे में मुख्य प्रशासनिक अधिकारियों और राजस्व प्रभारियों का यह फेरबदल धरातल पर कितना असर दिखाता है, यह आने वाले दिनों में साफ हो जाएगा। उम्मीद की जा रही है कि नए अधिकारियों की पदस्थापना से अटके हुए विकास कार्यों को गति मिलेगी।
— ब्यूरो रिपोर्ट, मझौली दर्पण न्यूज़
(सौजन्य: नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, मध्य प्रदेश शासन




