प्रशासनिक शह या लापरवाही? मुर्दों के हक की जमीन पर भी नहीं बख्शी भू-माफिया की गिद्ध दृष्टि
मझौली (जबलपुर)
जबलपुर जिले की तहसील मझौली अंतर्गत आने वाले वार्ड नंबर 1 में भू-माफिया की दबंगई और कारस्तानियों का एक रोंगटे खड़े करने वाला सनसनीखेज मामला उजागर हुआ है। जहाँ आम जनता अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट की भूमि का उपयोग करती है, वहीं बेखौफ भू-माफियाओं ने पवित्र श्मशान घाट की सुरक्षित सरकारी भूमि को ही निशाना बना डाला। माफिया ने न केवल इस जमीन से बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन कर हजारों ट्राली मिट्टी बाजार में बेच डाली, बल्कि जमीन पर स्थायी कब्जा जमाने की नीयत से वहां एक विशाल तालाब का निर्माण भी करवा लिया।
मामला यहीं शांत नहीं होता; राजस्व अमले की संदिग्ध भूमिका या गुमराह करने वाली जानकारियों के बल पर भू-माफियाओं ने श्मशान की भूमि पर पटवारी सीमांकन की आड़ में अपने खंभे (पिलर) तक गड़वा लिए थे। हालांकि, जब ग्रामीणों की नजर इस अवैध कब्जे पर पड़ी, तो पूरे क्षेत्र में जन-आक्रोश फैल गया। मामला बिगड़ता देख और प्रशासनिक अमले पर सवाल उठते ही, आनन-फानन में प्रशासनिक दल ने मौके पर पहुँचकर निरीक्षण किया और पटवारी द्वारा पूर्व में गड़वाए गए अवैध सीमांकन खंभों को उखाड़ फेंकने की कार्रवाई की।
श्मशान घाट की भूमि से पोकलेन और जेसीबी मशीनों के जरिए अवैध मिट्टी खनन कर मनमाने दामों पर बेची गई।
जमीन को हड़पने के उद्देश्य से श्मशान भूमि पर ही कृत्रिम तालाब तैयार कर लिया गया।
श्मशान जैसी दर्ज जमीन पर निजी स्वार्थ हेतु पटवारी सीमांकन के खंभे गाड़ना प्रशासनिक सांठगांठ की ओर इशारा करता है।
वार्ड वासियों के विरोध और मामले के तूल पकड़ने पर प्रशासन ने मौके सीमांकन किया
इस मामले को लेकर स्थानीय निवासियों और जनप्रतिनिधियों में गहरा रोष व्याप्त है। वार्ड वासियों का स्पष्ट कहना है कि श्मशान घाट जैसी पवित्र और सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर इस तरह का डाका बिना निचले स्तर के प्रशासनिक संरक्षण के संभव नहीं है।
> 1. अवैध खनन करने वाले भू-माफियाओं पर खनिज अधिनियम और भू-माफिया धारा के तहत तत्काल मामला (FIR) दर्ज किया जाए।
> 2. इसमें संलिप्त या लापरवाही बरतने वाले राजस्व अधिकारियों व कर्मचारियों की निष्पक्ष जांच कर कड़ी विभागीय कार्रवाई हो।
> 3. श्मशान भूमि पर बनाए गए अवैध तालाब को समतल कराकर भूमि को पुनः मूल स्वरूप में लाया जाए।
श्मशान घाट की भूमि पूर्णतः शासकीय संपत्ति है और इस पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण या अवैध खनन अक्षम्य है। खंभे हटाने की कार्रवाई की गई है और पूरे मामले की बारीकी से जांच चल रही है। दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।”
— तहसील / राजस्व प्रशासन मझौली




