मध्य प्रदेश में उर्वरकों की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक: POS मशीनों से वितरण बंद, हाइब्रिड मोड में फर्जीवाड़े की आशंका पर सरकार का बड़ा एक्शन
भोपाल / मझौली (मझौली दर्पण ब्यूरो):
मध्य प्रदेश में रासायनिक खाद के वितरण और कालाबाजारी को लेकर शासन ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। प्रदेश सरकार द्वारा जारी ताजा आदेश के तहत राज्यभर में सभी प्रकार के उर्वरकों की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। जारी निर्देशानुसार 14 अगस्त की शाम 7:00 बजे के बाद से पूरे प्रदेश में पीओएस (POS) मशीनों के जरिए खाद वितरण को पूर्णतः बंद कर दिया गया है। शासन के इस अप्रत्याशित कदम से खाद कारोबारियों और कालाबाजारी में संलिप्त तत्वों में हड़कंप मच गया है।
14 अगस्त का स्टॉक आधार, भौतिक सत्यापन में अंतर मिला तो सीधे कानूनी कार्रवाई
आदेश के मुताबिक 14 अगस्त की शाम 7:00 बजे प्रत्येक विक्रेता की POS मशीन पर जो स्टॉक दर्ज था, उसे आधार मानकर फ्रीज कर दिया गया है।
* गोदामों का भौतिक सत्यापन: आगामी दिनों में कृषि एवं राजस्व विभाग की संयुक्त प्रशासनिक टीमें खाद दुकानों और गोदामों में मौजूद वास्तविक (फिजिकल) स्टॉक का पीओएस मशीन के डिजिटल डेटा से मिलान करेंगी।
* जवाबदेही और सख्त कार्रवाई: यदि डिजिटल रिकॉर्ड और भौतिक स्टॉक में जरा भी अंतर या विसंगति पाई जाती है, तो संबंधित विक्रेता को उसका लिखित जवाब देना होगा। संतोषजनक जवाब न मिलने पर लाइसेंस निरस्त करने के साथ-साथ आवश्यक वस्तु अधिनियम (EC Act) के तहत दंडात्मक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हाइब्रिड मोड बिक्री में बड़ा खेल, सोसाइटियों और व्यापारियों पर संदेह की सुई
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रदेश के कई जिलों में खाद वितरण के दौरान हाइब्रिड (ऑफलाइन) मोड का दुरुपयोग कर बड़े पैमाने पर अनियमितता की गई है।
* हजारों बोरी यूरिया का गोलमाल: जांच में सामने आया है कि कई निजी कारोबारियों ने विगत दिनों हाइब्रिड मोड की आड़ लेकर 6,000 से 7,000 बोरी तक यूरिया कागजों में इधर-उधर किया है।
* सोसाइटियों की भूमिका भी संदिग्ध: प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (सोसाइटियों) के जरिए भी भारी मात्रा में संदिग्ध रूप से खाद निकालने के मामले शासन की रडार पर आए हैं।
* कालाबाजारी रोकने की कवायद: शासन का मानना है कि वास्तविक किसानों के नाम पर खाद की अवैध जमाखोरी और औद्योगिक उपयोग के लिए डायवर्जन किया गया है, जिसकी परतें भौतिक सत्यापन के बाद खुलेंगी।
निजी विक्रेताओं को सख्त ताकीद: आगामी आदेश तक बंद रखें खाद का विक्रय
उर्वरक संघ और जिला प्रशासन ने क्षेत्र के सभी निजी उर्वरक विक्रेताओं, थोक व फुटकर व्यापारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं कि आगामी शासकीय आदेश तक किसी भी प्रकार के उर्वरक का विक्रय पूर्णतः बंद रखें। यदि इस अवधि के दौरान किसी भी डीलर द्वारा बैकडेट या गुपचुप तरीके से खाद की बिक्री की जाती है, तो इसे गंभीर अपराध माना जाएगा।