पटवारी हल्का नंबर 38, खसरा नंबर 222 (रकबा 2.49 हेक्टेयर) श्मशान भूमि को रसूख के बल पर घेरा
* राजस्व न्यायालय प्रकरण क्रमांक 0690/ब-121/2022-23 के तहत जारी बेदखली आदेश की उड़ीं धज्जियां
* सरपंच मीरा बाई की अगुवाई में ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन; बुलडोजर कार्रवाई न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी
इंद्राना / मझौली (जबलपुर)।
मझौली तहसील क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत इंद्राना में सार्वजनिक और शासकीय भूमियों पर दबंगों के हौसले किस कदर बुलंद हैं, इसका खुला प्रमाण ग्राम पंचायत की श्मशान भूमि पर देखने को मिल रहा है। इंद्राना जनपद सदस्य श्रीमती सीमा मनोज तिवारी के ससुर घनश्याम तिवारी एवं पति मनोज तिवारी द्वारा सार्वजनिक उपयोग की श्मशान भूमि पर बेखौफ होकर पक्का निर्माण तान दिया गया है। मामले में सबसे बड़ा सवाल प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली पर खड़ा हो रहा है, क्योंकि राजस्व न्यायालय द्वारा बेदखली आदेश और अर्थदंड लगाए जाने के बावजूद अतिक्रमणकारी खुलेआम निर्माण कर शासन को खुली चुनौती दे रहे हैं।
सरकारी आदेश फाइलों में दफन, रसूख के आगे मैदानी अमला नतमस्तक
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम इंद्राना स्थित पटवारी हल्का नंबर 38, खसरा नंबर 222, रकबा 2.49 हेक्टेयर भूमि राजस्व रिकॉर्ड में सार्वजनिक श्मशान भूमि के रूप में दर्ज है। इस भूमि पर रसूखदार घनश्याम तिवारी और उनके पुत्र मनोज तिवारी ने राजनीतिक रसूख के दम पर अवैध कब्जा जमाकर पक्का मकान बना लिया।
पूर्व में हुई जांच के बाद राजस्व न्यायालय ने विधिवत प्रकरण क्रमांक 0690/ब-121/2022-23 पंजीबद्ध कर बेदखली आदेश पारित किया था और अर्थदंड भी लगाया था। इसके बावजूद क्षेत्रीय राजस्व अमले की संदिग्ध खामोशी के चलते आज तक उस आदेश का जमीनी क्रियान्वयन नहीं हो सका। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि जनपद सदस्य के राजनीतिक प्रभाव और मिलीभगत के चलते जिम्मेदार अधिकारी बुलडोजर चलाने से कन्नी काट रहे हैं।
सरपंच सहित दर्जनों ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन, निष्पक्ष कार्रवाई की मांग
प्रशासन की अनदेखी से आक्रोशित इंद्राना के ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। इंद्राना ग्राम पंचायत सरपंच श्रीमती मीरा बाई, ग्रामीण सत्यम सोनी, कनन सोनी, नरेश असाटी, नरेश कोष्टा सहित क्षेत्रवासियों ने तहसील कार्यालय मझौली पहुंचकर अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) के नाम तहसीलदार जानकी उईक को विधिवत ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन के साथ पूर्व राजस्व बेदखली आदेश की प्रति, चालू वर्ष का खसरा एवं मौके पर किए गए अवैध पक्के निर्माण की तस्वीरें बतौर साक्ष्य संलग्न की गईं। ज्ञापन सौंपने वालों में प्रमुख रूप से सुरेश बर्मन, वासुदेव प्रसाद पांडे, अभय पांडे, धनीराम जायसवाल, रवि सिंह ठाकुर, लालू बर्मन, प्रमोद जैन, सौरभ दुबे, शाहिद खान, मनोहर सिंह, अनिल जायसवाल, नासिर खान, आजाद खान, नरसिंह ठाकुर, संजय सिंह ठाकुर, जय हिंद सोनी, गोविंद असाटी और जयओम सिंह ठाकुर शामिल रहे।
गरीबों पर तुरंत कार्रवाई, रसूखदारों पर मेहरबानी क्यों?
ग्रामीणों ने प्रशासनिक दोहरे रवैये पर तीखा ऐतराज जताते हुए कहा कि आम गरीब व्यक्ति यदि छप्पर भी रख ले, तो राजस्व अमला तत्काल बेदखली की कार्रवाई करने पहुंच जाता है। वहीं दूसरी तरफ जनप्रतिनिधि और उनके परिवार के लोग जब सार्वजनिक श्मशान घाट जैसी संवेदनशील भूमि को निगल रहे हैं, तब प्रशासन केवल फाइलों में आदेश दबाकर बैठा है।
क्षेत्रवासियों ने जिला कलेक्टर एवं अनुविभागीय अधिकारी से दो टूक मांग की है कि राजनीतिक दबाव से मुक्त होकर श्मशान भूमि से तत्काल पक्का अवैध निर्माण ध्वस्त किया जाए और शासकीय भूमि को सार्वजनिक उपयोग हेतु मुक्त कराया जाए। यदि प्रशासन ने समय रहते इस पर कार्रवाई नहीं की, तो ग्रामीण सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।