चार सप्ताह में दिखे अभियान के सकारात्मक परिणाम, सप्ताह में एक दिन अनिवार्य रूप से फील्ड में उतर रहे अफसर व जनप्रतिनिधि: मुख्यमंत्री
* निरीक्षण, जनसंवाद, उद्यम संवाद और नवाचारों का पूरा ब्यौरा पोर्टल पर होगा ऑनलाइन दर्ज
* उच्च स्तर पर हर हफ्ते होगी समीक्षा, लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की तय होगी सीधी जवाबदेही
मझौली दर्पण ब्यूरो / भोपाल
मध्य प्रदेश में सुशासन, प्रशासनिक पारदर्शिता और त्वरित जनसमस्या निवारण को डिजिटल धरातल पर उतारते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय से ‘मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान पोर्टल’ का विधिवत शुभारंभ किया। 7 अगस्त से प्रदेश भर में संचालित मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के एक माह (चार सप्ताह) सफलतापूर्वक पूर्ण होने पर इस एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म को अमलीजामा पहनाया गया है। मुख्यमंत्री ने दो टूक निर्देश दिए हैं कि अभियान के उद्देश्यों को गति देने और पारदर्शी निगरानी सुनिश्चित करने में यह पोर्टल मील का पत्थर साबित होगा, लिहाजा मैदानी अमला यूजर मैनुअल के अनुसार नियमित डेटा अपलोड करना सुनिश्चित करे।
जनता के द्वार पहुंच रहा प्रशासन, मौके पर हो रहा समाधान
पोर्टल लाँचिंग के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कम समय में ही इस अभियान के अत्यंत सकारात्मक और उत्साहवर्धक परिणाम सामने आए हैं। सरकार का सीधा संकल्प जनता के द्वार तक शासन की पहुंच सुनिश्चित करना है। इसके तहत जनप्रतिनिधियों से लेकर वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों तक सभी सप्ताह में एक दिन अनिवार्य रूप से फील्ड में उतर रहे हैं। ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में चौपालों, औचक निरीक्षणों और जनसंवाद के माध्यम से आमजन की समस्याओं का मौके पर ही त्वरित व गुणवत्तापूर्ण निराकरण किया जा रहा है।
पोर्टल पर दर्ज होगा एक-एक गतिविधि का डिजिटल रिकॉर्ड
अभियान की संपूर्ण गतिविधियों को व्यवस्थित, पारदर्शी और परिणामोन्मुखी बनाने के लिए तैयार किए गए इस पोर्टल पर प्रत्येक जिले का डेटा संकलित होगा। पोर्टल पर मुख्य रूप से निम्न विवरण दर्ज किए जाएंगे:
* अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों द्वारा किए गए मैदानी भ्रमण, औचक निरीक्षण और जमीनी हकीकत।
* जनसंवाद और उद्यम संवाद के जरिए प्राप्त जन-फीडबैक व उद्योग जगत की समस्याएं।
* जिला स्तरीय समीक्षा बैठकों में लिए गए नीतिगत निर्णय और कार्ययोजना।
* जिलों द्वारा किए गए प्रमुख प्रशासनिक नवाचार (Innovations) और राज्य स्तर को भेजे जाने वाले सुझाव।
हर हफ्ते उच्च स्तर पर समीक्षा, अंतर-विभागीय तालमेल होगा मजबूत
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पोर्टल पर दर्ज की जाने वाली जानकारियों की राज्य स्तर पर प्रति सप्ताह उच्चस्तरीय नियमित समीक्षा की जाएगी। फील्ड से मिलने वाले इनपुट्स के आधार पर नीतिगत विषयों और अंतर-विभागीय समन्वय से जुड़े जटिल प्रकरणों का त्वरित निराकरण संभव होगा। उन्होंने सभी संभागों व जिलों के अधिकारियों को हिदायत दी कि पोर्टल में डेटा फीडिंग केवल औपचारिकता न बने, बल्कि इसके समेकित उपयोग से अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ मिलना चाहिए।