सेवा संकल्प का ढोंग बनाम नौनिहालों का जोखिम: पाटन-मझौली के जर्जर स्कूलों पर बरसे ठाकुर मनोहर सिंह

2047 के विकसित भारत’ का दिखावा छोड़कर शिक्षा की बदहाली पर श्वेत पत्र जारी करें विधायक: ठाकुर मनोहर सिंह

अकेले पाटन में 50 से अधिक शालाएं खंडहर, दालानों में चल रहीं कक्षाएं; दर्जनों स्कूलों में पानी, बिजली और शौचालय तक नदारद

मझौली/पाटन।

पाटन-मझौली विधानसभा क्षेत्र में सरकारी शिक्षा व्यवस्था बदहाली के उस मुहाने पर खड़ी है, जहां बच्चों का स्कूल जाना शिक्षा पाने से ज्यादा जान जोखिम में डालने जैसा साबित हो रहा है। क्षेत्र के शासकीय विद्यालयों की जर्जर स्थिति, शिक्षकों की भारी कमी और बुनियादी सुविधाओं के अभाव को लेकर वरिष्ठ नेता ठाकुर मनोहर सिंह ने क्षेत्रीय विधायक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि एक ओर विधायक सेवा संकल्प के नाम पर स्कूलों में बच्चों से ‘2047 का विकसित भारत’ विषय पर निबंध और चित्रकला प्रतियोगिताएं करवाकर झूठी वाहवाही बटोर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर क्षेत्र के नौनिहाल खौफ के साए में खंडहरनुमा कमरों और गांव के दालानों में बैठकर भविष्य तलाशने को मजबूर हैं।

मौत के मुहाने पर प्राथमिक शिक्षा, दालानों में बैठने की मजबूरी

वरिष्ठ नेता ठाकुर मनोहर सिंह ने मैदानी आंकड़ों के साथ प्रशासन और जनप्रतिनिधि की उदासीनता की पोल खोली। उन्होंने बताया कि अकेले पाटन जनपद पंचायत क्षेत्र के 50 से अधिक शासकीय स्कूल अत्यंत जीर्ण-शीर्ण और खतरनाक स्थिति में पहुंच चुके हैं। कई ग्रामों में शाला भवनों की छतें और दीवारें इस कदर दरक चुकी हैं कि कभी भी कोई बड़ा हादसा घट सकता है। ऐसी भयावह स्थिति में बच्चों को जान बचाने के लिए गांव के अन्य स्थानों और ग्रामीणों के दालानों में बैठाकर कक्षाएं संचालित करनी पड़ रही हैं। पाटन ही नहीं, मझौली ब्लॉक के ग्रामीण अंचलों का हाल भी उतना ही बदतर है। सरकारी लापरवाही के कारण बच्चों को स्कूल भेजना सीधे तौर पर मौत को बुलावा देने के बराबर हो गया है।

शिक्षक नदारद, बुनियादी सुविधाओं का भारी अकाल

विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा के ढांचे की हकीकत बयां करते हुए उन्होंने कहा:

 * शिक्षकों का असंतुलन: क्षेत्र की लगभग 27 से 30 शालाएं ऐसी हैं जहां दर्ज संख्या तो पर्याप्त है, किंतु पढ़ाने के लिए शिक्षक ही मौजूद नहीं हैं।

 * छात्र संख्या में भारी गिरावट: सरकारी अव्यवस्था और उपेक्षा के कारण 40 से 45 स्कूल ऐसे हैं जहां विद्यार्थियों की संख्या सिमटकर 20 से भी कम रह गई है।

 * मूलभूत सुविधाओं का अभाव: दर्जनों प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालयों में न पीने का स्वच्छ पानी उपलब्ध है, न छात्राओं और छात्रों के लिए अलग शौचालय हैं और न ही बिजली के कनेक्शन। भीषण गर्मी और उमस में बच्चे बिना पंखों के बैठने को विवश हैं।

‘प्रायोजित आंदोलनों के बजाय शिक्षा पर कराएं सच्चा आंदोलन’

विधायक की कार्यशैली पर सीधा हमला बोलते हुए ठाकुर मनोहर सिंह ने कहा कि जब शासन-प्रशासन स्तर पर क्षेत्रीय विधायक की साख खत्म हो चुकी है और सरकार उनकी सुन नहीं रही है, तब वे अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों से प्रायोजित धरने-प्रदर्शन करवाकर जनता की आंखों में धूल झोंकने का प्रयास कर रहे हैं।

उन्होंने दो टूक कहा, “यदि विधायक में जरा भी जनसरोकार बाकी है, तो इन दिखावटी आंदोलनों को बंद करें और विधानसभा क्षेत्र में दम तोड़ती शिक्षा व्यवस्था को बचाने के लिए एक सच्चा आंदोलन खड़ा करें। विधायक में साहस है तो वे तत्काल एक पत्रकार वार्ता बुलाएं और पाटन-मझौली के प्रत्येक स्कूल की भौतिक स्थिति, शिक्षकों की कमी और बजट के आंकड़े जनता के सामने रखें।”

निजी स्कूलों की लूट का शिकार हो रहे अभिभावक

ठाकुर मनोहर सिंह ने आरोप लगाया कि जानबूझकर सरकारी स्कूलों को बर्बाद किया जा रहा है, ताकि निजी स्कूल संचालकों को फायदा पहुंचाया जा सके। आज गांव का गरीब, किसान और मजदूर वर्ग अपने बच्चों को महंगे निजी स्कूलों में पढ़ाने के लिए कर्जदार हो रहा है। भारी-भरकम फीस और गांव से दूर शहरों में भेजने का परिवहन खर्च अभिभावकों की कमर तोड़ रहा है।

उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि एक बाहरी व्यक्ति को स्थानीय जनता के दर्द और बच्चों के भविष्य से कोई भावनात्मक सरोकार नहीं है। राजनीति को सिर्फ वोटों की खरीद-फरोख्त और निजी मुनाफे का व्यापार बना दिया गया है। यदि विधायक से क्षेत्र की बुनियादी समस्याएं नहीं संभल रही हैं, तो वे तत्काल अपने पद से इस्तीफा देकर जनता को इस बदहाली से मुक्ति दिलाएं।

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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