भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति (अजा) मोर्चा जबलपुर ग्रामीण की नवगठित कार्यकारिणी को लेकर एक बेहद चौंकाने वाली और बड़ी राजनीतिक खबर सामने आ रही है।
जबलपुर/भोपाल (विशेष ब्यूरो)।
जिला अध्यक्ष एडवोकेट संजीत अहिरवार ने आंतरिक गतिरोध और कुछ विवादित चेहरों की एंट्री के बाद कड़ा फैसला लेते हुए पूरी जिला कार्यकारिणी को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। 15 जुलाई को घोषित हुई इस कार्यकारिणी को महज दो दिन के भीतर ही 17 जुलाई को निरस्त कर दिया गया।
विवादित नामों की एंट्री के बाद जिला अध्यक्ष ने लिया कड़ा एक्शन
प्राप्त जानकारी के अनुसार, भाजपा अजा मोर्चा जबलपुर ग्रामीण के जिला अध्यक्ष एडवोकेट संजीत अहिरवार ने मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष माननीय श्री भगवान सिंह परमार को एक आधिकारिक पत्र (क्रमांक 09) भेजकर इस बड़े फैसले की लिखित जानकारी दी है।
अपने पत्र में जिला अध्यक्ष एड. संजीत अहिरवार ने स्पष्ट रूप से स्वीकार किया है कि:
“विगत 15 जुलाई 2026 को अनुसूचित जाति मोर्चा की जिला जबलपुर ग्रामीण कार्यकारिणी की घोषणा की गई थी। परंतु, इस सूची में कतिपय विवादास्पद नाम शामिल हो गए थे। संगठन की शुचिता और गरिमा को ध्यान में रखते हुए, मैंने आज दिनांक 17 जुलाई 2026 को उक्त घोषित कार्यकारिणी को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है।”
अब प्रदेश नेतृत्व के मार्गदर्शन में होगा नई टीम का गठन
दो दिनों के भीतर ही जिला कार्यकारिणी के भंग होने से स्थानीय भाजपा गलियारों में हड़कंप मच गया है। हालांकि, जिला अध्यक्ष ने साफ किया है कि वे संगठन के वरिष्ठ नेताओं और प्रदेश नेतृत्व के साथ बैठकर दोबारा मंथन करेंगे। भविष्य में प्रदेश अध्यक्ष भगवान सिंह परमार से उचित मार्गदर्शन प्राप्त करने के बाद ही बेदाग और सक्रिय कार्यकर्ताओं को शामिल कर नई और मजबूत समिति का पुनर्गठन किया जाएगा।
यह पूरी कार्रवाई सुहागी स्थित ‘जनहित स्वयं सेवी संस्था’ कार्यालय से जिला अध्यक्ष के हस्ताक्षरित पत्र के माध्यम से जारी की गई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विवादित नामों पर समय रहते कड़ा कदम उठाकर जिला नेतृत्व ने संगठन के भीतर किसी भी तरह के बड़े डैमेज को रोकने की कोशिश की है।
– राजनीतिक ब्यूरो, जबलपुर समाचार