मझौली के सरकारी छात्रावासों में महालापरवाही: ताले में कैद मिलीं मासूम बालिकाएं, बालक छात्रावास से गायब मिले अधीक्षक

शासन द्वारा अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं के बेहतर भविष्य और सुरक्षा के लिए चलाए जा रहे छात्रावास अब जिम्मेदारों की घोर लापरवाही और मनमानी के अड्डे बनते जा रहे हैं।

मझौली/जबलपुर

मझौली स्थित ‘प्री-मैट्रिक सीनियर SC बालिका छात्रावास’ और ‘राजा शंकर शाह रघुनाथ शाह शासकीय जूनियर बालक छात्रावास, मुड़िया मड़ोद’ में निरीक्षण के दौरान जो नजारा सामने आया, उसने प्रशासनिक व्यवस्था और सुरक्षा के दावों की धज्जियां उड़ाकर रख दी हैं।

खौफनाक मंजर: बाहर से बंद था ताला, अंदर कैद थीं बालिकाएं

सबसे संवेदनशील और गंभीर मामला ‘प्री-मैट्रिक सीनियर एससी बालिका छात्रावास’ में देखने को मिला। जांच टीम जब मौके पर पहुंची, तो बालिका छात्रावास के मुख्य दरवाजे पर बाहर से ताला लटका हुआ था और छात्राएं अंदर बंद थीं। छात्रावास से अधीक्षिका और रसोइया दोनों नदारद थीं।

स्थानीय निवासियों का आरोप है कि अधीक्षिका छात्रावास में रुकने के बजाय अपने घर पर आराम फरमाती हैं। ताले में कैद बच्चियों की सुरक्षा को लेकर कोई इंतजाम नहीं था—यदि इस दौरान कोई अग्निकांड या मेडिकल इमरजेंसी जैसी अनहोनी हो जाती, तो इसका जिम्मेदार कौन होता? घटना की सूचना मिलने के करीब आधा घंटे बाद अधीक्षिका और रसोइया आनन-फानन में मौके पर पहुंचीं।

बालक छात्रावास का हाल: 22 में से सिर्फ 8 मिले, अधीक्षक नदारद

दूसरी ओर, ‘राजा शंकर शाह रघुनाथ शाह शासकीय जूनियर बालक छात्रावास, मुड़िया मड़ोद की स्थिति भी कुछ अलग नहीं थी।

 * क्षमता और उपस्थिति: 30 बिस्तरों की क्षमता वाले इस छात्रावास में कुल 22 छात्र नामांकित हैं, लेकिन मौके पर महज 08 छात्र ही निवास करते पाए गए।

 * लापता छात्र: अनुपस्थित पाए गए 14 छात्रों के संबंध में न तो कोई छुट्टी का आवेदन मिला और न ही प्रबंधन के पास कोई संतोषजनक जवाब था।

 * अधीक्षक का ठिकाना: प्रभारी छात्रावास अधीक्षक श्री देवेंद्र सिंह राजपूत (मूल पदस्थापना: मझौली शा. अ.जा. नवीन बालक छात्रावास) मौके से नदारद मिले। छात्रावास के जलकर्मी श्री संतोष कुमार कुसवाहा ने बेझिझक खुलासा किया कि ‘साहब’ छात्रावास में नहीं, बल्कि मझौली में अपने निवास पर रहते हैं। हालांकि, जब मामले में पंचनामा तैयार किया जाने लगा, तब अधीक्षक महोदय आनन-फानन में उपस्थित हुए।

राहत की बात: भोजन और पानी का स्तर दुरुस्त

लापरवाही के इस आलम के बीच निरीक्षण के दौरान कुछ व्यवस्थाएं संतोषजनक भी पाई गईं:

 * भोजन व्यवस्था: उपस्थित छात्रों ने बताया कि उन्हें मीनू के अनुसार स्वादिष्ट और गुणवत्तापूर्ण भोजन दिया जा रहा है।

 * पेयजल व स्वास्थ्य: छात्रावास में लगा RO वॉटर प्यूरीफायर चालू स्थिति में मिला। इसके अलावा, प्रत्येक माह छात्रों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण किए जाने की बात भी सामने आई। भवन का ढांचा भी ठीक स्थिति में पाया गया।

बड़ा सवाल: कब जागेगा प्रशासन?

बालिकाओं को ताले में बंद करके छोड़ देना और बिना किसी सूचना के छात्रावासों से नदारद रहना केवल कर्तव्य में कोताही नहीं, बल्कि मासूमों की जिंदगी से खिलवाड़ है। अब देखना यह होगा कि इस पंचनामे और जांच रिपोर्ट के बाद जिम्मेदार विभागीय उच्च अधिकारी इन लापरवाह अधीक्षकों पर सख्त कार्रवाई करते हैं या मामला कागजी कार्रवाइयों में दबा दिया जाएगा।

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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