प्रशासनिक अनुशासन को ठेंगा: कलेक्टर के आदेश के बाद भी मझौली CHC में MPW का अवैध अटैचमेंट, मुरैठ में स्वास्थ्य सेवाएं बेपटरी

 जिले में समस्त संलग्निकरण निरस्त, फिर भी बीपीएम कार्यालय में मलेरिया प्रभारी बने बैठे हैं सुधीर गौतम

 * उप स्वास्थ्य केंद्र मुरैठ में पोर्टल व टीकाकरण का तकनीकी काम ठप, एएनएम के भरोसे छूटा केंद्र

 * उच्चाधिकारियों के निर्देशों की खुली अवहेलना पर भड़के ग्रामीण, बीएमओ पर मनमानी के आरोप

मझौली (जबलपुर)

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) मझौली में उच्चाधिकारियों के प्रशासनिक आदेशों को ताक पर रखकर मनमानी करने का गंभीर मामला सामने आया है। जबलपुर कलेक्टर और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) द्वारा जिले के सभी स्वास्थ्य कर्मचारियों के संलग्निकरण (अटैचमेंट) को तत्काल प्रभाव से शून्य घोषित किए जाने के बावजूद, मझौली बीएमओ कार्यालय में एक चहेते स्वास्थ्य कर्मी को मलाईदार प्रभार देकर जमाए रखा गया है। उप स्वास्थ्य केंद्र मुरैठ (लमकना) में पदस्थ बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता (MPW) सुधीर गौतम को नियम विरुद्ध मझौली मुख्यालय में अटैच कर मलेरिया शाखा का प्रभार सौंप दिया गया है, जिससे ग्रामीण अंचल में स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है।

कलेक्टर के फैसले और CMHO के आदेश की खुली नाफरमानी

जिला स्वास्थ्य समिति की उच्चस्तरीय बैठक में जबलपुर कलेक्टर द्वारा दिए गए कड़े निर्देशों के अनुपालन में सीएमएचओ जबलपुर ने 27 मई 2026 को आदेश क्रमांक/मु.चि.स्वा.अधि./2026/382 जारी किया था। आदेश में स्पष्ट उल्लेख था कि जिले के समस्त अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्रों में पदस्थ चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ, नर्सिंग संवर्ग एवं तृतीय/चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के सभी अटैचमेंट तत्काल प्रभाव से निरस्त किए जाते हैं और सभी कर्मी अपने मूल पदस्थापना स्थल पर आमद दर्ज कराएं। जिले भर में इस आदेश पर अमल हुआ, लेकिन मझौली सीबीएमओ की मेहरबानी के चलते आदेश को रद्दी की टोकरी में डाल दिया गया और MPW सुधीर गौतम को मूल केंद्र भेजने के बजाय बीपीएम कार्यालय में ही बैठाए रखा गया।

मुरैठ उप स्वास्थ्य केंद्र में ऑनलाइन पोर्टल का काम ठप

इस नियम विरुद्ध अटैचमेंट की भारी कीमत मुरैठ और आसपास के ग्रामीणों को चुकानी पड़ रही है। उप स्वास्थ्य केंद्र मुरैठ में वर्तमान में केवल एक एएनएम पदस्थ हैं, जो मैदानी स्तर पर टीकाकरण और प्रसव पूर्व जांच आदि का जिम्मा संभालती हैं। स्वास्थ्य विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर डेटा एंट्री, रिपोर्टिंग, स्टॉक अपडेशन और तकनीकी निगरानी का कार्य मूल रूप से MPW सुधीर गौतम द्वारा ही किया जाता था। उनके मुख्यालय में जमे रहने के कारण मुरैठ केंद्र का डिजिटल रिकॉर्ड और नियमित रिपोर्टिंग पूरी तरह प्रभावित है, जिससे कई राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति पर विपरीत असर पड़ रहा है।

अधिकारियों की चुप्पी पर उठे सवाल, कार्रवाई की मांग

एक तरफ शासन सुदूर ग्रामीण अंचलों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के दावे कर रहा है, वहीं दूसरी ओर फील्ड के मैदानी कर्मचारियों को मुख्यालय में अटैच कर कागजी खानापूर्ति कराई जा रही है। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस मनमाने रवैये पर कड़ा विरोध जताया है। ग्रामीणों ने कलेक्टर जबलपुर एवं सीएमएचओ से मांग की है कि आदेश की अवहेलना करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए और गैर-कानूनी तरीके से अटैच किए गए कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से मुरैठ केंद्र वापस भेजकर सेवाएं सुचारू कराई जाएं।

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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