प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती मीनाक्षी नटराजन के नामांकन को निरस्त किए जाने के विरोध में आज मझौली ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के बैनर तले कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तीखा आक्रोश व्यक्त किया।
मझौली/ जबलपुर
जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष श्री संजय यादव के निर्देश पर मझौली तहसील कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय उपवास एवं विशाल धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया।
यह प्रदर्शन ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मझौली के अध्यक्ष श्री अम्बर सिंह राजपूत तथा पोंडा ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष एवं जिला पंचायत सदस्य श्री प्रदीप पटेल के संयुक्त नेतृत्व में संपन्न हुआ।
लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की रक्षा का संकल्प
धरना प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि वर्तमान व्यवस्था में लोकतांत्रिक मूल्यों और जनमत का खुलेआम अपमान किया जा रहा है। नेताओं ने कहा कि श्रीमती मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त करना पूरी तरह से अलोकतांत्रिक है। कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया कि लोकतंत्र की रक्षा, जनमत के सम्मान और संविधान की गरिमा को बनाए रखने के लिए कांग्रेस का यह संघर्ष सड़क से लेकर सदन तक निरंतर जारी रहेगा।
वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं की रही भारी मौजूदगी
इस एक दिवसीय उपवास और विरोध प्रदर्शन में जबलपुर जिले के कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कांग्रेस जन शामिल हुए। कार्यक्रम में मुख्य रूप से:
वरिष्ठ पदाधिकारी: वरिष्ठ कांग्रेस नेता श्री राजेश तिवारी, जिला उपाध्यक्ष श्री सुरेश मांझी, श्री भक्तराज सिंह राजपूत, नरसिंहपुर प्रभारी श्रीमती अर्चना मुन्नालाल दहिया, जिला उपाध्यक्ष श्री ब्रजेश दुबे (बबलू पंडा), श्री मुन्ना दहिया, और श्री हल्कू सिंह राजपूत।
स्थानीय नेतृत्व:नगर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष श्री विकास साहू, श्री आलोक सिंह राणा, श्री नवल सिंह राजपूत, श्री रज्जू दहिया, श्री अंजनी मामा राजपूत, श्री विजय सिंह, और श्री राधे ठाकुर।
युवा कांग्रेस:युवा कांग्रेस मझौली ब्लॉक अध्यक्ष आभाष दुबे के नेतृत्व में युवा विंग ने भी अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई।
इनकी भी रही उपस्थिति:
प्रदर्शन में श्री आशीष पटेल, श्री रिंकू ठाकुर, श्री रोहित मिश्रा, श्री मोनू राय, मनोज झरिया, अंकित झरिया, श्री मनीष माना, श्री संतोष मांझी, श्री जय सिंह, श्री प्रहलाद चक्रवर्ती, श्री अमित सेन, श्री आदित्य बाथरे और श्री ओमप्रकाश राजपूत सहित सैकड़ों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कांग्रेस का संदेश: “जब तक हमारे नेताओं के साथ न्याय नहीं होता और लोकतांत्रिक संस्थाओं का दुरुपयोग बंद नहीं होता, तब तक कांग्रेस कार्यकर्ताओं का यह आंदोलन थमेगा नहीं




