रिश्वतखोर पटवारी लोकायुक्त के शिकंजे में! सीमांकन के बदले मांग रहा था घूस, निजी दफ्तर में 5 हजार लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस जबलपुर की टीम ने आज एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए राजस्व विभाग में फैले घूसखोरी के रैकेट का भंडाफोड़ किया है।

बहोरीबंद/कटनी 

बहोरीबंद में पदस्थ एक घूसखोर पटवारी को अपनी ही जेब गर्म करने के चक्कर में लोकायुक्त के जाल में फंसना पड़ा। जमीन के सीमांकन (Demarcation) जैसी सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया के लिए जनता को परेशान करने और ‘उपहार’ के नाम पर रिश्वत ऐंठने वाले इस पटवारी को लोकायुक्त की टीम ने रंगे हाथ दबोच लिया।

इस कार्रवाई के बाद से ही क्षेत्र के भ्रष्ट अधिकारी-कर्मचारियों और बिचौलियों में हड़कंप मचा हुआ है।

क्या है पूरा मामला?

मिली जानकारी के अनुसार, आवेदक शिवकुमार जायसवाल ने अपनी पत्नी देववती के नाम पर 1 एकड़ 80 डिसमिल जमीन खरीदी थी। नियमानुसार इस जमीन का सीमांकन होना था, जिसके लिए आवेदक लगातार सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहा था। लेकिन हल्के में पदस्थ पटवारी स्वयं प्रकाश मेहरा बिना ‘सेवा-पानी’ के फाइल आगे बढ़ाने को तैयार नहीं था।

पटवारी ने सीमांकन के ऐवज में आवेदक से ₹5,000 की घूस मांगी। हैरान करने वाली बात यह है कि पटवारी ने इस घूस की रकम को ‘उपहार’ का नाम देकर जायज ठहराने की कोशिश की।

निजी दफ्तर को बनाया था ‘वसूली का अड्डा’

भ्रष्टाचार का यह खेल किसी सरकारी कार्यालय में नहीं, बल्कि पटवारी के निजी ठिकाने पर चल रहा था। पटवारी स्वयं प्रकाश मेहरा ने घूस की रकम लेने के लिए आवेदक शिवकुमार को अपने बहोरीबंद स्थित प्राइवेट कार्यालय में बुलाया था। उसे लगा था कि सरकारी दफ्तर से दूर वह सुरक्षित रहेगा, लेकिन वह यह भूल गया कि कानून के हाथ बहुत लंबे होते हैं।

जैसे ही पीड़ित शिवकुमार ने पटवारी को उसके निजी दफ्तर में केमिकल लगे ₹5,000 के नोट थमाए, वैसे ही पहले से घात लगाए बैठी लोकायुक्त की टीम ने दबिश दे दी।

लोकायुक्त की त्वरित कार्रवाई: रंगे हाथ दबोचा

आज दिनांक 9 जून को लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया था। रिश्वत लेते ही आरोपी पटवारी को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया। जब पटवारी के हाथ धुलवाए गए, तो वे गुलाबी हो गए, जिससे मौके पर ही घूसखोरी का अकाट्य सबूत मिल गया।

कार्रवाई की आधिकारिक स्थिति:

लोकायुक्त पुलिस द्वारा आरोपी पटवारी स्वयं प्रकाश मेहरा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन 2018) की धारा-7, 13(1)B, एवं 13(2) के अंतर्गत मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

लोकायुक्त टीम में ये रहे शामिल

इस सफल ट्रैप कार्रवाई को अंजाम देने वाले दल में लोकायुक्त जबलपुर के जांबाज अधिकारी शामिल थे। टीम की कमान **निरीक्षक राहुल गजभिए** और **निरीक्षक शशिकला मस्कुले** संभाल रहे थे, जिनके साथ लोकायुक्त जबलपुर का पूरा विशेष दस्ता मुस्तैद रहा।

मझौली दर्पण टिप्पणी: कब थमेगा ‘साहबों’ का यह लालच?

जमीन की नपाई और सीमांकन किसी भी भू-स्वामी का बुनियादी अधिकार है। लेकिन जब रक्षक ही भक्षक बन जाएं और अपने कर्तव्य को निभाने के लिए ‘उपहार’ रूपी रिश्वत की मांग करने लगें, तो आम जनता कहाँ जाए? बहोरीबंद की इस घटना ने साबित कर दिया है कि यदि जनता जागरूक हो और शिवकुमार जायसवाल की तरह हौसला दिखाए, तो भ्रष्टाचारियों की जगह दफ्तर में नहीं, बल्कि जेल की सलाखों के पीछे होगी। ‘मझौली दर्पण’ लोकायुक्त की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई की सराहना करता है।

— ब्यूरो रिपोर्ट

, मझौली दर्पण न्यूज़

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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