मझौली में बिना गेहूं आए ही चढ़ा दी 5100 क्विंटल की फर्जी एंट्री, प्रशासन में हड़कंप!

जबलपुर जिले की मझौली तहसील के अंतर्गत आने वाले एक समर्थन मूल्य गेहूं खरीदी केंद्र में करोड़ों रुपये के सरकारी राजस्व को चूना लगाने और बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा करने का एक बेहद गंभीर मामला उजागर हुआ है।

मझौली/ जबलपुर

यहां बिना गेहूं की एक भी बोरी आए, कागजों पर ही लगभग 5,100 क्विंटल गेहूं की फर्जी एंट्री कर दी गई। इस सनसनीखेज मामले की भनक लगते ही जिला प्रशासन और खाद्य विभाग के होश उड़ गए हैं। आनन-फानन में वरिष्ठ अधिकारियों की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।

 कागजों पर ‘उग गया’ 5100 क्विंटल गेहूं, वेयरहाउस और समूह की मिलीभगत!

पूरा मामला भूमि ग्राम संगठन हटोली स्व सहायता समूह द्वारा संचालित खरीदी केंद्र का है, जो ‘मां अन्नपूर्णा वेयरहाउस पिपरिया टगर बनखेड़ी’ में चलाया जा रहा था।

शिकायत के मुताबिक, इस केंद्र पर बिना किसी वास्तविक तौल या किसानों के पहुंचे ही, रिकॉर्ड में करीब 5,100 क्विंटल गेहूं की फर्जी आवक (एंट्री) दर्ज कर दी गई। जानकारों की मानें तो इस खेल के पीछे का मकसद सरकार से समर्थन मूल्य की राशि हड़पना और खुले बाजार के घटिया या पुराने गेहूं को खपाना हो सकता है।

 प्रशासनिक अमले में मची खलबली, जांच टीम बैठी

जैसे ही इस महाघोटाले की लिखित शिकायत उच्च अधिकारियों तक पहुंची, प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए फौरन अधिकारियों की एक संयुक्त जांच टीम गठित की गई।

 दस्तावेजों की जब्ती: जांच टीम ने केंद्र के सभी इन-आउट रजिस्टर, कंप्यूटर रिकॉर्ड और किसानों के कूपन से जुड़े दस्तावेजों को अपने कब्जे में ले लिया है।

 भौतिक सत्यापन (Physical Verification): वेयरहाउस में रखे स्टॉक और कागजी एंट्री का मिलान किया जा रहा है।

 प्रारंभिक रिपोर्ट: शुरुआती जांच में ही बड़े पैमाने पर वित्तीय और रिकॉर्ड संबंधी अनियमितताओं के पुख्ता संकेत मिले हैं।

 “बख्शे नहीं जाएंगे दोषी” – अधिकारियों का सख्त रुख

इस पूरे मामले पर प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि गेहूं खरीदी में किसी भी तरह का भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा

अधिकारियों का बयान:”मामले की जांच बहुत बारीकी से की जा रही है। दस्तावेजों और गोदाम के वास्तविक स्टॉक की पड़ताल जारी है। प्रारंभिक तौर पर गड़बड़ी के सबूत मिले हैं। जैसे ही जांच पूरी होगी, इस घोटाले में शामिल स्व सहायता समूह के पदाधिकारियों, वेयरहाउस प्रबंधन और अगर कोई विभागीय अधिकारी भी इसमें संलिप्त पाया गया, तो सभी के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कराकर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

 किसानों के हक पर डाका!

एक तरफ जहां क्षेत्र का वास्तविक किसान अपनी फसल को समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए सेंटरों के चक्कर काटता है, वहीं दूसरी तरफ इस तरह के फर्जीवाड़े करके रसूखदार और भ्रष्ट लोग करोड़ों का वारा-न्यारा करने में जुटे हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी जल्दी और कितनी कड़ी कार्रवाई करता है, ताकि आने वाले समय में ऐसे घोटालों पर लगाम कसी जा सके।

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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