जैन संतों की सुरक्षा के लिए बने ‘राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति’

रीवा आर्यिका दुर्घटना की हो उच्चस्तरीय जाँच: मझौली जैन समाज

मझौली (जबलपुर)

रीवा में विहार के दौरान जैन साधु संघ की पूज्य आर्यिका श्री श्रुतमति माताजी एवं आर्यिका श्री उपशममति माताजी के असामयिक और दुखद निधन से संपूर्ण जैन समाज में गहरी वेदना और आक्रोश की लहर है

 इस हृदय विदारक घटना को लेकर श्री पारसनाथ दिगम्बर जैन मंदिर ट्रस्ट कमेटी, मझौली (तहसील-मझौली, जिला-जबलपुर) ने मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को एक ज्ञापन सौंपकर इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जाँच और देश में ‘राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति’ लागू करने की पुरज़ोर माँग की है।

दुर्घटना नहीं, गहरी साजिश की आशंका; SIT जाँच की माँग

ट्रस्ट कमेटी के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया और विभिन्न माध्यमों से सामने आए वीडियो क्लिपों और उपलब्ध तथ्यों को देखने के बाद इस घटना को महज़ एक सामान्य सड़क दुर्घटना मान लेना जल्दबाजी होगी। समाज को अंदेशा है कि इसके पीछे कोई सुनियोजित षड्यंत्र भी हो सकता है।

सौंपे गए ज्ञापन में माँग की गई है कि:इस पूरे प्रकरण की SIT (विशेष जाँच दल) अथवा न्यायिक जाँच कराई जाए।

  घटना स्थल और उसके आस-पास के सभी CCTV फुटेज, वीडियो व डिजिटल साक्ष्यों को तत्काल सुरक्षित कर उनका गहन विश्लेषण किया जाए।

 यदि जाँच में किसी भी प्रकार के षड्यंत्र के तथ्य सामने आते हैं, तो दोषियों के खिलाफ कठोरतम धाराओं के तहत कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित हो।

पैदल विहार करने वाले अहिंसक संतों के लिए बने ‘सुरक्षा प्रोटोकॉल’

जैन समाज ने सरकार का ध्यान इस बात की ओर आकर्षित किया कि जैन साधु-संत पूर्णतः अपरिग्रही, निहत्थे और अहिंसक होते हैं। वे आजीवन पैदल विहार करते हैं और किसी भी प्रकार की वीआईपी सुरक्षा या आधुनिक वाहनों का उपयोग नहीं करते। समाज में शांति और संयम का संदेश देने वाले इन संतों के साथ लगातार हो रही दुर्घटनाएँ और हमले बेहद चिंताजनक हैं।

शासन से माँग की गई है कि देश और प्रदेश में संत सुरक्षा प्रोटोकॉल”तत्काल लागू किया जाए, जिसके तहत:

 1. साधु-संतों के विहार मार्गों पर स्थानीय प्रशासन का पूर्व समन्वय हो।

 2. संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पुलिस का विशेष सहयोग मिले।

 3. नेशनल हाईवे और व्यस्त सड़कों पर ट्रैफिक नियंत्रण के साथ-साथ विशेष ‘चेतावनी संकेतक’ (Signboards) लगाए जाएं ताकि वाहन चालक सतर्क रहें।

समाज के प्रमुख जनों ने जताई गहरी संवेदना

इस अवसर पर श्री पारसनाथ दिगम्बर जैन मंदिर ट्रस्ट कमेटी के अध्यक्ष शरद जैन, उपाध्यक्ष प्रफुल्ल जैन (रेशु), अंकित जैन, सचिव मनीष जैन (मोनू), और कोषाध्यक्ष विवेक कुमार जैन सहित सकल जैन समाज के प्रबुद्ध नागरिकों ने इस घटना पर गहरा दुःख व्यक्त किया। समाज ने दोटूक शब्दों में कहा कि जब तक संतों के पैदल विहार को सुरक्षित बनाने के लिए ठोस नीति नहीं बनती और रीवा मामले की निष्पक्ष जाँच नहीं होती, तब तक जैन समाज शांत नहीं बैठेगा।

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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