जनपद पंचायत मझौली की ग्राम पंचायत टिकुरी और दर्शनी में सरकारी धन के दुरुपयोग का बड़ा मामला उजागर हुआ है।
मझौली (जबलपुर)
पंचायत निधि की राशि अपने ही रिश्तेदारों के खातों में ट्रांसफर करने के गंभीर आरोप सिद्ध होने के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। इस कार्रवाई से पूरे जिले की पंचायतों में हड़कंप मच गया है।
जांच रिपोर्ट के अनुसार, दोनों पंचायतों के सरपंचों ने पद का दुरुपयोग करते हुए पंचायत के खातों से अपने करीबियों और रिश्तेदारों के निजी खातों में सरकारी राशि ट्रांसफर की थी। म.प्र. पंचायत राज अधिनियम के मुताबिक, कोई भी पदाधिकारी अपने रिश्तेदारों को किसी भी रूप में (पट्टा, कार्य आवंटन या नकद) आर्थिक लाभ नहीं पहुंचा सकता। इसे ‘घोर दुराचार’ की श्रेणी में माना गया है।
टिकुरी पंचायत: भ्रष्टाचार की पुष्टि होने पर कलेक्टर/प्रशासनिक आदेश द्वारा टिकुरी सरपंच को धारा 40 के तहत पद से बर्खास्त (पृथक) कर दिया गया है।
दर्शनी पंचायत: यहाँ के सरपंच के खिलाफ भी धारा 40 के तहत मामला दर्ज किया गया है। वर्तमान में यह प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पंचायत के खाते से राशि निकालने के लिए सरपंच और सचिव दोनों के डिजिटल हस्ताक्षर अनिवार्य होते हैं। इसलिए, इस वित्तीय अनियमितता में केवल सरपंच ही नहीं, बल्कि संबंधित सचिवों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और उन पर भी समान रूप से जिम्मेदारी तय की जाएगी।
जिला पंचायत सीईओ अभिषेक गेहलोत ने जिले के सभी सरपंचों और सचिवों को चेतावनी देते हुए कहा है कि सरकारी धन का बंदरबांट किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि भविष्य में किसी अन्य पंचायत में इस तरह के मामले पाए गए, तो सीधे दंडात्मक कार्रवाई और वसूली की जाएगी।
पंचायत का पैसा जनता के विकास के लिए है, न कि निजी लाभ के लिए। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।” — प्रशासन
रिपोर्ट: मझौली दर्पण न्यूज ब्यूरो,जबलपुर




