जल गंगा संवर्धन अभियान का मज़ाक: मझौली के वार्ड 13 में बावड़ी जीर्णोद्धार के नाम पर सिर्फ ‘लीपापोती’, पैसों का खुला बंदरबांट! गंदगी के ढेर पर फेर दिया चूना

वार्ड वासियों ने खोला मोर्चा, अभियान के नाम पर केवल औपचारिकता

मझौली (जबलपुर)

सूबे के मुख्यमंत्री जहां एक तरफ ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के तहत प्रदेश के कुएं, बावड़ियों और पारंपरिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं, वहीं मझौली नगर परिषद के नुमाइंदे इस पुनीत अभियान को महज ‘कमाई का जरिया’ बनाने में मशगूल हैं। ताजा मामला मझौली के वार्ड नंबर 13 का है, जहां स्थित प्राचीन बावड़ी के जीर्णोद्धार के नाम पर जमकर धांधली की जा रही है। वार्ड वासियों का आरोप है कि बिना किसी मरम्मत, छपाई या साफ-सफाई के, गंदगी के ऊपर ही सिर्फ रंग-रोगन कर सरकारी पैसों को ठिकाने लगाने का खेल खेला जा रहा है।
न कचरा साफ हुआ, न मरम्मत हुई… गंदगी के अंबार पर फेर दी पुताई!
वार्ड नंबर 13 के जागरूक नागरिक प्रशांत जैन सहित बड़ी संख्या में वार्ड वासियों ने इस पूरे कार्य प्रणाली पर गंभीर आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि:
बिना छपाई के पुताई: बावड़ी की दीवारें जर्जर हैं, प्लास्टर उखड़ रहा है, लेकिन बिना किसी तकनीकी सुधार या छपाई (प्लास्टर) के, सीधे पुरानी दीवारों पर औपचारिकता पूरी करने के लिए पुताई करवा दी गई।
गंदगी का साम्राज्य: बावड़ी के भीतर और आसपास आज भी कचरे और सिल्ट (कीचड़) का अंबार लगा हुआ है। न तो कचरे को अलग किया गया और न ही पानी को स्वच्छ बनाने का कोई प्रयास हुआ।
केवल ‘फोटो सेशन’ की तैयारी: स्थानीय लोगों के मुताबिक, अधिकारियों को दिखाने और केवल फोटो खिंचवाने के लिए ऊपर-ऊपर से लीपापोती कर दी गई है, ताकि कागजों पर काम को शत-प्रतिशत पूरा दिखाया जा सके।
वार्ड निवासी प्रशांत जैन का दोटूक बयान: “नगर परिषद के अधिकारी और कर्मचारी केवल औपचारिकता पूरी करने में जुटे हैं। जीर्णोद्धार के नाम पर सीधे पुताई का काम शुरू करा दिया गया। न तो बावड़ी के अंदर की मुकम्मल सफाई कराई गई और न ही सालों से जमा मलवा बाहर निकलवाया गया। यह सीधे तौर पर सरकारी बजट को ठिकाने लगाने की साजिश है।”
जनता में भारी आक्रोश, “यह जनता के टैक्स के पैसे की बर्बादी है”
वार्ड के निवासियों का कहना है कि जल संकट के इस दौर में उम्मीद थी कि इस अभियान के तहत बावड़ी का कायाकल्प होगा और वार्ड वासियों को स्वच्छ जल का एक पुराना स्रोत वापस मिलेगा। लेकिन ठेकेदार और जिम्मेदारों की मिलीभगत ने इस जनहितैषी योजना को मजाक बना कर रख दिया है। गंदगी के ढेर पर चूना-कलर फेरकर यह साबित कर दिया गया है कि इन्हें जल संरक्षण से कोई सरोकार नहीं है, नजर सिर्फ बजट हड़पने पर है।
मामले में जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया:
जब इस पूरे फर्जीवाड़े और वार्ड वासियों के आक्रोश को लेकर ‘न्यूज टीम’ ने जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से बात की, तो उन्होंने यह पक्ष रखा:
मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO), नगर परिषद मझौली:”वार्ड नंबर 13 की बावड़ी में कार्य के दौरान बरती जा रही लापरवाही की शिकायत मेरे संज्ञान में आई है। जल गंगा संवर्धन अभियान सरकार की प्राथमिकता का काम है, इसमें किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मैंने सब-इंजीनियर (उपयंत्री) को मौके पर जाकर जांच करने के निर्देश दिए हैं। यदि बिना सफाई और मरम्मत के सीधे पुताई कराई गई है, तो संबंधित ठेकेदार का भुगतान रोका जाएगा और कार्य को दोबारा मापदंडों के अनुसार कराया जाएगा।”
वार्ड पार्षद / वार्ड प्रभारी की प्रतिक्रिया:”वार्ड वासियों की शिकायत पूरी तरह जायज है। मुख्यमंत्री जी की मंशानुसार बावड़ी की पूरी सफाई और उसका जीर्णोद्धार होना चाहिए, न कि केवल ऊपर से रंग-रोगन। मैं खुद इस मामले को लेकर परिषद की बैठक में आपत्ति दर्ज कराऊंगा और जब तक पूरी सफाई और दीवारों की छपाई नहीं हो जाती, तब तक इस कार्य का मूल्यांकन (Valuation) नहीं होने दिया जाएगा।” उच्चाधिकारियों से जांच और कार्रवाई की मांग
वार्ड नंबर 13 के निवासियों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग के आला अधिकारियों से मांग की है कि:
1. तत्काल प्रभाव से इस घटिया और कागजी कार्य के भुगतान पर रोक लगाई जाए।
2. मौके का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) कर ठेकेदार और दोषी इंजीनियरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
3. बावड़ी से पूरा कचरा और मलवा निकालकर, उसकी दीवारों की मुकम्मल मरम्मत (प्लास्टर) कराई जाए ताकि ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ का वास्तविक उद्देश्य पूरा हो सके।
अब देखना यह होगा कि जनभावनाओं और सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट से खिलवाड़ करने वाले इन भ्रष्ट नुमाइंदों पर जिला प्रशासन का हंटर चलता है या फिर इस भ्रष्टाचार पर भी ‘पुताई’ फेर दी जाएगी!

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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