मझौली वन परिक्षेत्र में चौकीदारों की नियुक्तियों पर उठे सवाल, उच्च कार्यालय ने तलब की रिपोर्ट

दैनिक वेतनभोगी चौकीदारों और वन चौकी सहायकों की स्वीकृत संख्या, चयन प्रक्रिया और विभागीय वैधता पर गहराया संशय

आवेदक शिवम साहू ने RTI के तहत मांगी थी मझौली वन परिक्षेत्र के चौकीदारों की भर्ती और भुगतान से जुड़ी पूरी जानकारी

 मुख्य वन संरक्षक (CCF) कार्यालय जबलपुर ने धारा 6(3) के तहत वन मण्डल अधिकारी (DFO) को पत्र जारी कर समय-सीमा में मांगी रिपोर्ट

मझौली /जबलपुर

मझौली वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाली विभिन्न बीटों में कार्यरत चौकीदारों और वन चौकी सहायकों की नियुक्ति, चयन प्रक्रिया और वित्तीय भुगतान में पारदर्शिता को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। क्षेत्र के सजग नागरिक और आवेदक श्री शिवम साहू (निवासी- वार्ड क्रमांक 10, मझौली) द्वारा सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI) 2005 के तहत लगाई गई एक अर्जी के बाद वन विभाग के उच्च अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।

मुख्य वन संरक्षक कार्यालय ने लिया संज्ञान

मामले की गंभीरता को देखते हुए कार्यालय मध्य वृत्त वन विभाग (CCF), जबलपुर के लोक सूचना अधिकारी एवं संलग्नाधिकारी श्री के.एल. लड़िया द्वारा एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। CCF कार्यालय को दिनांक 23 जून 2026 को प्राप्त हुए आवेदन पर त्वरित कार्रवाई करते हुए, इसे सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 6(3) के तहत वन मण्डल अधिकारी (DFO), सामान्य वन मण्डल जबलपुर को आधिकारिक तौर पर हस्तांतरित कर दिया गया है।

क्या कहती है धारा 6(3)?

इस प्रावधान के तहत यदि मांगी गई जानकारी किसी अन्य कार्यालय से संबंधित होती है, तो प्राप्तकर्ता कार्यालय को इसे 5 कार्य दिवसों के भीतर संबंधित विभाग को भेजना अनिवार्य होता है। उच्च कार्यालय ने DFO जबलपुर को सख्त निर्देश दिए हैं कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर इस मामले का निराकरण कर आवेदक और उच्च कार्यालय को सूचित करें

आवेदक द्वारा मझौली वन परिक्षेत्र के तहत आने वाली सभी बीटों में तैनात चौकीदारों के संबंध में सीधे तौर पर विभाग की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा करने वाले दस्तावेज मांगे गए हैं:

 1. नियुक्ति और विभागीय वैधता: क्या ये नियुक्तियां शासन के तय नियमों के तहत की गई हैं?

 2. स्वीकृत पद: मझौली क्षेत्र में कुल कितने चौकीदार/सहायक आधिकारिक रूप से स्वीकृत हैं और वर्तमान में कितने कार्यरत हैं?

 3. चयन प्रक्रिया: इन कर्मचारियों को रखने के लिए क्या प्रक्रिया अपनाई गई या बैकडोर एंट्री दी गई?

 4. भुगतान अभिलेख संधारण: इन चौकीदारों को किए जाने वाले भुगतान का रिकॉर्ड (मस्टर रोल/वाउचर) किस प्रकार मेंटेन किया जा रहा है?

 5. वित्तीय गड़बड़ी की आशंका: स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि कागजों पर और जमीन पर कार्यरत कर्मचारियों की संख्या व भुगतान में विसंगतियां हो सकती हैं

CCF कार्यालय द्वारा जारी पृष्ठांकन क्रमांक/सामान्य/3216 के माध्यम से आवेदक शिवम साहू को भी सूचित किया गया है कि वे अब इस जानकारी की आगामी प्रगति के लिए विधि अनुसार लोक सूचना अधिकारी, सामान्य वन मण्डल जबलपुर से सीधे पत्र व्यवहार करें।

अब देखना यह होगा कि सामान्य वन मण्डल जबलपुर इस संवेदनशील मामले में तय समय-सीमा के भीतर क्या जानकारी उपलब्ध कराता है। ‘मझौली दर्पण न्यूज’ इस पूरे मामले और वन विभाग से आने वाले जवाब पर लगातार अपनी पैनी नजर बनाए हुए है।

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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