सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराने पर भड़का पंचायत प्रतिनिधि, डायल 112 बुलाकर पीड़ित ने बचाई जान

 एसडीएम सिहोरा के दरबार में पहुंचा मामला; दोषी सरपंच-सचिव पर एफआईआर दर्ज करने व मुआवजे की मांग तेज

 मझौली/सिहोरा

शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और ग्रामीण विकास के खोखले दावों की पोल मझौली तहसील की ग्राम पंचायत तलाड़ में खुल गई है। पंचायत प्रतिनिधियों की घोर अनदेखी और प्रशासनिक संवेदनहीनता के चलते एक गरीब परिवार बेघर हो गया। बस्ती में महीनों से जल निकासी की व्यवस्था न होने के कारण गंदा पानी जमा रहा, जिसने आखिरकार एक कच्चे मकान की नींव को खोखला कर उसे जमींदोज कर दिया। हद तो तब हो गई जब अपनी बर्बादी की शिकायत करने पर समाधान मिलने के बजाय पीड़ित को सरपंच की गुंडागर्दी और गालियों का सामना करना पड़ा।

नाली निर्माण की मांग अनसुनी, जलजमाव से जमींदोज हुआ आशियाना

पीड़ित ग्रामीण राजकुमार नामदेव (आत्मज धरमचंद नामदेव) ने बताया कि बस्ती में नाली न होने से घरों से निकलने वाला निस्तार का गंदा पानी उनके मकान के चारों तरफ जमा हो रहा था। उन्होंने कई मर्तबा पंचायत सचिव और सरपंच के चक्कर काटे, हाथ-पैर जोड़े कि नाली खुदवाकर पानी की निकासी कराई जाए, ताकि मकान सुरक्षित रहे। लेकिन जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों ने कान में तेल डाले रखा। नतीजा यह निकला कि लगातार पानी के रिसाव से कच्ची दीवारें बैठ गईं और पूरा मकान भरभराकर गिर पड़ा। परिवार अब खुले आसमान के नीचे दाने-दाने को मोहताज होकर रातें काटने पर मजबूर है।

सीएम हेल्पलाइन पर भड़के जिम्मेदार, दी धमकी

पंचायत स्तर पर निराशा हाथ लगने के बाद पीड़ित ने शासन की पारदर्शी व्यवस्था पर भरोसा जताते हुए सीएम हेल्पलाइन (शिकायत क्रमांक 39338148) में मामला दर्ज कराया। लेकिन यह कदम सरपंच को नागवार गुजरा। पीड़ित का आरोप है कि समस्या का निराकरण करने के बजाय सरपंच ने सत्ता की हनक दिखाते हुए शिकायत वापस लेने का भारी दबाव बनाया। मना करने पर सरेराह भद्दी-भद्दी गालियां दीं और मारपीट पर उतारू हो गए। स्थिति बिगड़ती देख पीड़ित ने फौरन डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी, तब जाकर मामला शांत हुआ।

एसडीएम न्यायालय में गुहार, साक्ष्य के तौर पर सौंपे फोटो

दर-दर भटक रहे पीड़ित राजकुमार नामदेव ने अब अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) सिहोरा के समक्ष न्याय की गुहार लगाई है। एसडीएम को दिए गए शिकायती आवेदन के साथ मकान गिरने से पहले और बाद के पुख्ता छायाचित्र (फोटोग्राफ) साक्ष्य के रूप में संलग्न किए गए हैं।

पीड़ित की प्रमुख मांगें:

 * पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए।

 * कर्तव्य में घोर लापरवाही बरतने, अभद्रता व धमकी देने वाले सरपंच और सचिव पर प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज हो।

 * आपदा व प्रशासनिक चूक के तहत पीड़ित परिवार को तत्काल राहत राशि तथा मकान पुनर्निर्माण हेतु उचित मुआवजा दिया जाए।

सत्ता के नशे में चूर पंचायत प्रतिनिधियों की मनमानी ने एक मजदूर परिवार को बेसहारा कर दिया है। अब क्षेत्र की निगाहें सिहोरा प्रशासन पर टिकी हैं कि क्या पीड़ित को न्याय व छत मिल पाएगी, या फिर रसूखदारों के दबाव में यह फाइल भी किसी दफ्तर में धूल फांकती रहेगी।

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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