बहोरीबंद में भगवान भरोसे स्वास्थ्य सेवा! बिना ID कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस के दौड़ रहीं एम्बुलेंस, मरीजों की जान जोखिम में

मध्य प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग भले ही मरीजों को बेहतर और सुरक्षित स्वास्थ्य लाभ देने के बड़े-बड़े दावे करता हो, लेकिन कटनी जिले की बहोरीबंद तहसील के अंतर्गत जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है।

बहोरीबंद (कटनी)

यहाँ आपातकालीन और इमरजेंसी स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से नियमों को ताक पर रखकर संचालित हो रही हैं। क्षेत्र में एम्बुलेंस और अन्य इमरजेंसी वाहनों को चलाने वाले ड्राइवरों के पास न तो कोई वैध पहचान पत्र (ID कार्ड) है और न ही भारी वाहन चलाने का कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस (DL)। इसके बावजूद ये वाहन सड़कों पर बेखौफ दौड़ रहे हैं, जिससे इनमें बैठने वाले मरीजों और आम राहगीरों की जान हर वक्त खतरे में बनी रहती है।

लापरवाही की हद: बिना वेरिफिकेशन के स्टेयरिंग पर बैठे हैं ड्राइवर

नियमों के मुताबिक, एम्बुलेंस जैसी संवेदनशील और आपातकालीन सेवाओं के ड्राइवरों का बाकायदा पुलिस वेरिफिकेशन होना चाहिए, उनके पास कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस और विभाग द्वारा जारी वैध आईडी कार्ड होना अनिवार्य है। लेकिन बहोरीबंद क्षेत्र में एम्बुलेंस सेवा का संचालन करने वाले वेंडर और जिम्मेदार अधिकारी इस कदर लापरवाह हो चुके हैं कि उन्होंने बिना किसी जांच-परख के वाहनों की स्टेयरिंग अनजान हाथों में सौंप दी है। सूत्रों की मानें तो कई वाहन चालक तो ऐसे हैं जिनके पास भारी या कमर्शियल वाहन चलाने का अनुभव तक नहीं है।

हादसा हुआ तो कौन होगा जिम्मेदार?

इमरजेंसी गाड़ियों का काम ही मरीज की जान बचाने के लिए तेजी से अस्पताल पहुंचना होता है। ऐसे में यदि बिना लाइसेंस और बिना ट्रेनिंग वाले ड्राइवर गाड़ी दौड़ाएंगे, तो रास्ते में किसी भी वक्त बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि इन अनधिकृत ड्राइवरों की वजह से कोई अनहोनी या सड़क दुर्घटना होती है, तो उसका जिम्मेदार कौन होगा? क्या स्वास्थ्य विभाग या एम्बुलेंस का ठेका लेने वाली कंपनी इसकी जिम्मेदारी लेगी?

अधिकारियों की चुप्पी पर उठ रहे सवाल

इतनी बड़ी लापरवाही बहोरीबंद तहसील और ब्लॉक स्वास्थ्य कार्यालय के अधिकारियों की नाक के नीचे चल रही है, लेकिन सब कुछ जानते हुए भी जिम्मेदार अमला कुंभकर्णी नींद सोया हुआ है। न तो क्षेत्रीय परिवहन विभाग (RTO) इन एम्बुलेंसों की चेकिंग करता है और न ही स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी ड्राइवरों के दस्तावेजों की जांच करने की जहमत उठा रहे हैं।

इनका कहना है:

 “इमरजेंसी सेवा जैसी संवेदनशील गाड़ी को बिना लाइसेंस और आईडी कार्ड के चलाना सीधे तौर पर मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ है। हम जिला प्रशासन और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कटनी से मांग करते हैं कि बहोरीबंद क्षेत्र में चल रहे सभी इमरजेंसी वाहनों और उनके ड्राइवरों के दस्तावेजों की तत्काल जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।”

क्षेत्रीय नागरिक एवं सामाजिक कार्यकर्ता, बहोरीबंद (कटनी)

अब देखना यह होगा कि इस खुलासे के बाद कटनी जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग इस गंभीर लापरवाही पर क्या एक्शन लेता है, या फिर किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जा रहा है।

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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