ग्राम पंचायतों में दिखेगा ‘स्मार्ट सिटी’ सा नजारा: कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने दिए शहरों की तर्ज पर विकास के निर्देश

 राजधानी भोपाल की ग्राम पंचायतें अब केवल खेती-किसानी तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि उन्हें शहरों की तर्ज पर सुव्यवस्थित और आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा।

भोपाल

गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्री प्रियंक मिश्रा ने ‘स्मार्ट विलेज’ की अवधारणा को साकार करने के लिए एक विस्तृत रोडमैप तैयार करने के निर्देश दिए।

 शहरों जैसी सुविधाएं: कलेक्टर ने कहा कि स्वच्छता, जल संरक्षण और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ ग्राम पंचायतों का विकास किया जाए। स्कूल ट्रांसपोर्टेशन और पेयजल जैसी सुविधाओं के लिए एक से अधिक पंचायतें मिलकर **पायलेट प्रोजेक्ट पर कार्य करें।

 Bio-CNG से बढ़ेगी किसानों की आय: नरवाई (फसल अवशेष) प्रबंधन को बायो-सीएनजी उत्पादन से जोड़ना एक क्रांतिकारी कदम बताया गया। इससे प्रदूषण रुकेगा, मिट्टी की उर्वरता बचेगी और किसानों को अतिरिक्त आय होगी।

 आंगनबाड़ी और स्कूल: अब आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण स्कूल कैंपस या को-लोकेशन में किया जाएगा ताकि बच्चों को शिक्षा और पोषण का एक ही केंद्र मिल सके।

 बैंक सखियों की आय में वृद्धि: एनआरएलएम (NRLM) की बैंक सखियों को अब बीमा क्षेत्र से भी जोड़ा जाएगा, जिससे ग्रामीण महिलाओं के स्वावलंबन को मजबूती मिलेगी।

बैठक में जल संरचनाओं के पुनर्जीवन को प्राथमिकता दी गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि:अजनाल और हलाली जैसी नदियों, तालाबों और बावड़ियों का संरक्षण व गहरीकरण समय सीमा में पूर्ण हो।

  ग्रामीण क्षेत्रों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग(वर्षा जल संचयन) को एक व्यापक जन-अभियान बनाया जाए।

समीक्षा के दौरान भोपाल जिले की 222 ग्राम पंचायतों के प्रदर्शन की सराहना की गई।

 आत्मनिर्भर पंचायतें: वित्तीय वर्ष 2025-26 में फंदा और बैरसिया ब्लॉक ने स्वयं का राजस्व बढ़ाकर ₹5.15 करोड़ अर्जित करने का लक्ष्य रखा है।

 डिजिटल इंडिया का असर: 99.85 प्रतिशत जीपीडीपी (GPDP) अपलोडिंग और ई-ग्राम स्वराज-PFMS के जरिए डिजिटल भुगतान के मामले में जिला पंचायत की प्रगति उल्लेखनीय रही।

कलेक्टर ने ‘संकल्प से समाधान’ शिविरों के माध्यम से जनता की समस्याओं के त्वरित निराकरण की सराहना की। उन्होंने जैव विविधता (Biodiversity) अधिकारों के क्रियान्वयन को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

समीक्षा बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्रीमती इला तिवारी, जनपद फंदा सीईओ श्रीमती शिवानी मिश्रा, बैरसिया जनपद सीईओ श्री देवेश सराठे सहित तकनीकी और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

 भोपाल प्रशासन का यह कदम न केवल ग्रामीण पलायन को रोकेगा, बल्कि आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के संकल्प को भी धरातल पर उतरेगा

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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