पीपीटी, वीडियो व प्रोजेक्टर स्क्रीन के जरिये बताई गई पोषण और पढ़ाई की महत्ता
द्वितीय चरण का प्रशिक्षण 27 से 29 मार्च तक
जबलपुर
राज्य शासन के निर्देशानुसार एवं कलेक्टर श्री दीपक सक्सेना के मार्गदर्शन में एकीकृत बाल विकास परियोजना शहरी क्रमांक 2 द्वारा माता गुजरी महाविद्यालय में पोषण भी पढ़ाई भी के प्रशिक्षण कार्यक्रम अंतर्गत आज बुधवार को आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के प्रथम चरण का तीन दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न हुआ। द्वितीय चरण का प्रशिक्षण कार्यक्रम 27 से 29 मार्च तक आयोजित होगा।
कोर्स डायरेक्टर श्रीमती आराधना गर्ग एवं मास्टर ट्रेनर्स श्रीमती ज्योति तिवारी ने प्रशिक्षण में पोषण भी पढाई भी के महत्व से अवगत कराया। श्रीमती स्वाति इन्दुरख्या, सुश्री मनीषा भूमरकर एवं ब्लॉक कोऑर्डिनेटर श्री विकास दुबे ने प्रशिक्षणार्थियों को ईसीसीई गतिविधियों की विस्तार से जानकारी दी। कार्यकर्ताओं को सहजता से समझाने के लिए पीपीटी, वीडियो, प्रोजेक्टर, स्क्रीन एवं स्पीकर का भी इस्तेमाल किया गया। कार्यकर्ताओं से बच्चों के मस्तिष्क विकास और उनकी उर्जा परखने के लिये क्विज भी सॉल्व कराई गई।
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि पोषण भी पढ़ाई भी प्रशिक्षण कार्यक्रम आंगनवाड़ियों में 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों की नवचेतना, अनौपचारिक शिक्षा एवं दिव्यांगता चिन्हांकन से जुड़ा हुआ है। बच्चों का इससे समग्र विकास सुनिश्चित किया जाएगा। नवचेतना के तहत जन्म से 3 वर्ष के बच्चों को सीखने, समझने एवं बाल मस्तिष्क विकास की संपूर्णता के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है। अनौपचारिक शिक्षा में 3 से 6 वर्ष के बच्चों के लिए खेल-खेल में सहज, सरल तरीके से शाला पूर्व तैयारी सुदृढ़ करने के लिए यह प्रशिक्षण में दिया जा रहा है।




