आरोग्यम केंद्र में रिकॉर्ड की खामी पर भड़के कलेक्टर, थमाया नोटिस
आंगनवाड़ी में बच्चों संग जमीन पर बैठे, खराब भवन निर्माण पर बिफरे
डबल लॉक केंद्र पर जाना किसानों का हाल; ई-टोकन और डिजिटल पेमेंट पर दिया जोर
सिहोरा/जबलपुर।
प्रशासनिक अमले में कसावट लाने और सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत परखने के लिए आज जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह अचानक सिहोरा विकासखंड के तूफानी दौरे पर पहुंचे। निरीक्षण के दौरान जहां कलेक्टर का एक संवेदनशील रूप देखने को मिला—जब वे आंगनवाड़ी में बच्चों के साथ जमीन पर बैठकर उनकी कहानियां सुनते नजर आए—वहीं शासकीय कार्यों में लापरवाही और भ्रष्टाचार पर उनका सख्त रुख भी सामने आया। कलेक्टर ने घटिया निर्माण कार्य के लिए सब-इंजीनियर पर सीधी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, जिससे पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
1. स्वास्थ्य व्यवस्था में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: आरोग्यम केंद्र में थमाया नोटिस
दौरे की शुरुआत में कलेक्टर राघवेंद्र सिंह सबसे पहले खितौला स्थित आरोग्यम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। वहां उन्होंने ओपीडी, मेडिसिन स्टोर, वैक्सिनेशन रूम और दवा वितरण कक्ष का बारीकी से मुआयना किया।
लापरवाही पर एक्शन: वैक्सीन कोल्ड चेन रूम (भंडार कक्ष) में स्टॉक का रिकॉर्ड अपडेट नहीं मिलने पर कलेक्टर ने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने मौके पर ही मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि इसके लिए जिम्मेदार कर्मचारी के खिलाफ तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए।
दवाओं की उपलब्धता: उन्होंने सीबीएमओ और एनएचएम के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि ओपीडी के मरीजों के अनुपात में दवाओं का रिकॉर्ड बेहद पारदर्शी और अपडेटेड होना चाहिए।
2. बच्चों से दुलार… पर घटिया निर्माण पर फूटा गुस्सा
शास्त्री वार्ड स्थित एकीकृत बाल विकास सेवा आंगनवाड़ी केंद्र के निरीक्षण के दौरान दो अलग-अलग तस्वीरें देखने को मिलीं:
एक तरफ संवेदनशीलता: कलेक्टर श्री सिंह ने आंगनवाड़ी के बच्चों के साथ जमीन पर बैठकर बेहद आत्मीयता से बात की। उन्होंने बच्चों से कहानियां और कविताएं सुनीं और उनके चेहरे पर मुस्कान बिखेर दी। साथ ही बच्चों को मिलने वाले पोषण आहार की गुणवत्ता की भी जानकारी ली।
दूसरी तरफ सख्त रुख: जब कलेक्टर ने आंगनवाड़ी के नए भवन के निर्माण का मुआयना किया, तो वहां घटिया निर्माण सामग्री और खराब गुणवत्ता साफ उजागर हो गई। इस पर उन्होंने सख्त तेवर अपनाते हुए संबंधित सब-इंजीनियर (उपयंत्री) के खिलाफ तत्काल सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने के निर्देश जारी कर दिए।
3. सांदीपनि विद्यालय: इस महीने के अंत तक काम पूरा करने का अल्टीमेटम
निर्माणाधीन सांदीपनि विद्यालय के अंतिम चरण के कार्यों का जायजा लेते हुए कलेक्टर ने समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने को कहा। उन्होंने क्लासरूम और प्रैक्टिकल रूम्स का गहनता से निरीक्षण किया।
मजदूरों की संख्या बढ़ाने के निर्देश: कार्य की धीमी गति को देखते हुए कलेक्टर ने निर्माण एजेंसी को निर्देश दिए कि तत्काल मजदूरों की संख्या बढ़ाई जाए और इस महीने के अंत तक हर हाल में गुणवत्तापूर्ण काम पूरा कर हैंडओवर किया जाए।
शिफ्टिंग की तैयारी:* उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से नए सत्र में पुराने विद्यालय से सांदीपनि विद्यालय में छात्रों की शिफ्टिंग और नए प्रवेश की रूपरेखा पर भी चर्चा की।
4. डबल लॉक केंद्र: किसानों से सीधा संवाद, ‘पेपरलेस’ खाद वितरण की तैयारी
किसानों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर ने सिहोरा स्थित मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ भंडारण केंद्र (डबल लॉक केंद्र) का औचक निरीक्षण किया।
किसानों का फीडबैक:कलेक्टर ने वहां यूरिया और डीएपी लेने आए किसानों से सीधे बातचीत की। जब किसानों से ई-टोकन व्यवस्था के बारे में पूछा गया, तो किसानों ने खुले दिल से तारीफ करते हुए कहा, “साहब, जब से मोबाइल और ऑनलाइन माध्यम से ई-टोकन जनरेट हो रहा है, तब से लाइन में लगने का झंझट खत्म हो गया है और खाद आसानी से मिल रही है।”
कैशलेस और पेपरलेस पर जोर: कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खाद वितरण की पूरी प्रक्रिया को 100% पेपरलेस और डिजिटल बनाया जाए। उन्होंने किसानों से भी अपील की कि वे नगद भुगतान के बजाय ऑनलाइन माध्यमों से भुगतान करने को प्राथमिकता दें।
कलेक्टर के इस औचक दौरे के दौरान जिला पंचायत सीईओ अभिषेक गहलोत, सिहोरा एसडीएम ज्योति परस्ते, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती संध्या दिलीप दुबे, जिला शिक्षा अधिकारी गौतम बर्वे, उप संचालक कृषि रवि आम्रवंशी सहित सिहोरा नगर पालिका के सीएमओ और विभिन्न विभागों के जिला व ब्लॉक स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
ब्यूरो रिपोर्ट:
मझौली दर्पण न्यूज़(सच्ची और निष्पक्ष पत्रकारिता का स्थानीय मंच)




