सड़कों पर दौड़ता ‘सस्ता नशा’! बहोरीबंद-बचैया-सिहोरा रूट की बसों में गांजे में धुत्त रहते हैं कंडक्टर और हेल्पर, यात्रियों की सुरक्षा दांव पर 

 कटनी से जबलपुर जिले को जोड़ने वाले मुख्य बहोरीबंद-बचैया-सिहोरा मार्ग पर इन दिनों यात्री बसें भगवान भरोसे चल रही हैं। इस रूट पर संचालित होने वाली अधिकांश निजी बसों के कंडक्टर और हेल्परों (क्लीनर) को लेकर एक बेहद सनसनीखेज खुलासा हुआ है।

बहोरीबंद/सिहोरा

गुप्त सूत्रों से मिली पुख्ता जानकारी के अनुसार, इस रूट पर चलने वाले बसों के कंडक्टर और हेल्पर ड्यूटी के दौरान गांजे और अन्य नशीले पदार्थों के नशे में पूरी तरह धुत्त रहते हैं। नशे की हालत में ये लोग न केवल यात्रियों से अभद्र व्यवहार करते हैं, बल्कि आपातकालीन स्थिति में अनजाने में किसी बड़े हादसे को भी आमंत्रण दे रहे हैं।

यात्रियों से बदसलूकी और मारपीट का डर

इस रूट पर रोजाना हजारों की संख्या में छात्र, महिलाएं, नौकरीपेशा लोग और ग्रामीण सफर करते हैं। सूत्रों का कहना है कि नशे में धुत रहने के कारण इन कंडक्टरों और हेल्परों का खुद पर नियंत्रण नहीं रहता। जरा सी बात पर यात्रियों से गाली-गलौज करना, मनमाना किराया वसूलना और महिलाओं के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करना इनके लिए आम बात हो चुकी है। कई बार यात्री विवाद से बचने के लिए इनका मानसिक संतुलन देखकर चुप रह जाते हैं।

ड्राइवर भी हो सकते हैं नशे का शिकार, मंडरा रहा बड़ा खतरा

सबसे गंभीर और डराने वाली बात यह है कि बसों के हेल्पर और कंडक्टर अक्सर बस के ड्राइवर के साथ ही रहते हैं। ऐसे में इस बात की भी पूरी आशंका है कि उनके साथ-साथ ड्राइवर भी इस जानलेवा नशे की चपेट में हों। यदि तेज रफ्तार बस का ड्राइवर या सहयोगी गांजे के नशे में रहेगा, तो बहोरीबंद-सिहोरा मार्ग के मोड़ों और व्यस्त ट्रैफिक के बीच किसी भी वक्त दर्जनों यात्रियों से भरी बस खाई में गिर सकती है या किसी अन्य वाहन से टकरा सकती है।

चेकिंग अमला गायब, आखिर पुलिस और RTO क्यों हैं मौन?

इतना बड़ा और खतरनाक खेल खुलेआम सड़कों पर चल रहा है, लेकिन बहोरीबंद, बचैया और सिहोरा क्षेत्र की स्थानीय पुलिस और परिवहन विभाग (RTO) का चेकिंग अमला पूरी तरह से आंखें मूंदे बैठा है। बसों के फिटनेस और परमिट की जांच तो दूर, बसों के स्टाफ की मेडिकल जांच या ‘ब्रीथ एनालाइजर’ (नशा नापने वाली मशीन) से जांच करने की जहमत आज तक किसी अधिकारी ने नहीं उठाई है।

जांच और सख्त कार्रवाई की मांग

क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों और पीड़ित यात्रियों ने कटनी व जबलपुर जिला प्रशासन, आरटीओ और पुलिस कप्तानों से पुरजोर मांग की है कि:

 * बहोरीबंद-बचैया-सिहोरा मार्ग पर चलने वाली तमाम निजी बसों की औचक (सरप्राइज) चेकिंग की जाए।

 * बसों के कंडक्टर, हेल्पर और ड्राइवरों का मौके पर ही मेडिकल टेस्ट कराया जाए।

 *जो भी स्टाफ गांजे या किसी अन्य नशे में पाया जाए, उसका लाइसेंस निरस्त कर बस मालिक और उस कर्मचारी पर सीधे आपराधिक मामला दर्ज कर जेल भेजा जाए।

अब देखना यह होगा कि इस गंभीर सूचना के बाद पुलिस और परिवहन अमला कब हरकत में आता है, या फिर प्रशासन को किसी बड़ी और दर्दनाक बस दुर्घटना का इंतजार है।

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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