मझौली और पाटन ब्लॉक के जिम्मेदार अधिकारियों और दलालों का गठजोड़ उजागर।

दस्तावेजों में हेरफेर कर योग्य स्थानीय युवाओं को किया बाहर, बैकडोर एंट्री से चहेतों को दी गईं नियुक्तियां।

 पीड़ित युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने की उच्च स्तरीय जांच और भर्ती निरस्त करने की मांग।

मझौली/जबलपुर:

जबलपुर जिले के मझौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के अंतर्गत आने वाले ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने के नाम पर एक बड़ा खेल होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। उप स्वास्थ्य केंद्रों में ग्रुप डी (मल्टी टास्क वर्कर) के पदों पर हुई नियुक्तियों में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा और नियमों के उल्लंघन का खुलासा हुआ है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरे महाघोटाले का भंडाफोड़ किसी जांच एजेंसी ने नहीं, बल्कि सूचना का अधिकार (RTI) के तहत निकाले गए सरकारी दस्तावेजों ने किया है।

आरटीआई से मिले आधिकारिक दस्तावेजों ने स्वास्थ्य विभाग के पारदर्शी भर्ती के दावों की धज्जियां उड़ाकर रख दी हैं। बंद कमरों में चहेतों और रसूखदारों को ‘बैकडोर एंट्री’ देने के लिए तय गाइडलाइंस को मरोड़ दिया गया।

जागरूक नागरिकों द्वारा निकाली गई आरटीआई के अनुसार, जिन उप स्वास्थ्य केंद्रों की भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह से संदेह के घेरे में है और जहां अपात्रों को रेवड़ियों की तरह नौकरियां बांटी गईं, उनकी सूची इस प्रकार है:

| क्षेत्र/जोन | प्रभावित उप स्वास्थ्य केंद्र (Sub-Health Centers) |

|—|—|

| जोन – A | बरगी, बरखेड़ा, चनगंवा, छपरा, दर्शनी |

|  जोन – B | देवरी अमगंवा, धनवाही, देवरी रजवई, दिनारी खम्हरिया |

| जोन – C | हरदुआ कला, झिगरई, कंजई, खलरी, खांड, खिन्नी, खितौला, खुडावल, कोनीकला |

| जोन – D | लखनपुर, मुरैठ, पोला, पौडा, सहजपुर, सिहोदा, सुहजनी |

आरटीआई के जवाब में स्वास्थ्य विभाग द्वारा ही सौंपे गए दस्तावेजों और चयन सूची का जब बारीकी से अध्ययन किया गया, तो भ्रष्टाचार के कई परत-दर-परत प्रमाण सामने आए:

  आरटीआई के रिकॉर्ड साफ बयां करते हैं कि कई अधिक अंक और उच्च योग्यता रखने वाले स्थानीय गरीब अभ्यर्थियों को जानबूझकर चयन प्रक्रिया से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।

  आवेदनों की स्क्रूटनी (छंटनी) और साक्षात्कार (इंटरव्यू) के नंबरों में जमकर हेरफेर की गई। अधिकारियों ने अपनी कलम की ताकत से पहले से तय ‘पसंदीदा’ उम्मीदवारों को मैरिट लिस्ट में सबसे ऊपर ला खड़ा किया।

 स्थानीयता की शर्तों का उल्लंघन: भर्ती के लिए जो मूल गाइडलाइन और स्थानीय निवासी होने की अनिवार्य शर्तें तय थीं, अधिकारियों ने कथित तौर पर अपनी जेबें भरने के लिए उन्हें पूरी तरह दरकिनार कर बाहरी लोगों को उपकृत कर दिया।

“इस भर्ती में प्रति पद के हिसाब से लाखों रुपयों की सौदेबाजी हुई है। पाटन और मझौली ब्लॉक की कमान संभाल रहे जिम्मेदार अधिकारियों और बिचौलियों के इस ‘गठजोड़’ ने क्षेत्र के गरीब, होनहार और योग्य युवाओं के भविष्य पर लात मारने का काम किया है।

आरटीआई के जरिए पुख्ता और अकाट्य सबूत हाथ में आने के बाद अब पीड़ित युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं का गुस्सा सातवें आसमान पर है। इस महाघोटाले के सामने आने के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।

पीड़ित अभ्यर्थियों ने जबलपुर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों से मांग की है कि इन सभी 25 से अधिक केंद्रों की संदिग्ध भर्ती प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से **निरस्त** किया जाए। साथ ही, इस पूरे सिंडिकेट में शामिल भ्रष्ट अधिकारियों और दलालों को चिन्हित कर उनके खिलाफ जालसाजी और भ्रष्टाचार का आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाए।

अब देखना यह है कि इस आरटीआई खुलासे के बाद जिला प्रशासन कुंभकर्णी नींद से जागकर दोषियों पर कार्रवाई करता है या मामले को ठंडे बस्ते में डालने का प्रयास होता है।

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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