गांवों के भविष्य की तैयारी: आगामी 10 साल की आबादी के लिए चिन्हित होगी दखलरहित सरकारी जमीन

ग्रामीण क्षेत्रों के सुनियोजित विकास और भविष्य में आवास की बढ़ती मांग को देखते हुए जिला प्रशासन ने एक बड़ा और दूरदर्शी कदम उठाया है।

जबलपुर

कलेक्टर कार्यालय की भू-संसाधन प्रबंधन शाखा ने जिले के सभी तहसीलदारों को अपने-अपने क्षेत्र के प्रत्येक गांव में आगामी 10 वर्षों की संभावित आवश्यकता के अनुसार आबादी विस्तार के लिए ‘दखलरहित शासकीय भूमि’ चिन्हित करने के सख्त निर्देश जारी किए हैं।

इस कदम से जहां एक ओर गांवों में भविष्य में होने वाले अवैध कब्जों पर लगाम लगेगी, वहीं दूसरी ओर आवासहीन परिवारों को पट्टे देने और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए पर्याप्त जमीन एडवांस में उपलब्ध रहेगी।

संयुक्त कलेक्टर ने जारी किए कड़े दिशा-निर्देश

कलेक्टर कार्यालय की भू-संसाधन प्रबंधन शाखा की प्रभारी एवं संयुक्त कलेक्टर श्रीमती नदीमा शीरी द्वारा यह महत्वपूर्ण आदेश जारी किया गया है। निर्देश में स्पष्ट कहा गया है कि सभी तहसीलदार अपने क्षेत्र के गांवों का बारीकी से सर्वे करें।

 जनसंख्या वृद्धि का आकलन: तहसीलदार प्रत्येक ग्राम की आगामी 10 वर्षों की संभावित जनसंख्या वृद्धि और स्थानीय आवश्यकताओं का व्यावहारिक आकलन करेंगे।

 विवादरहित जमीन की तलाश: आबादी विस्तार के लिए केवल उसी भूमि को चिन्हित किया जाएगा जो वर्तमान आबादी, सेवा भूमि, किसी भूमिस्वामी या पट्टेदार की भूमि से पूरी तरह पृथक हो और साफ-सुथरी ‘दखलरहित शासकीय भूमि’ की श्रेणी में आती हो।

सुप्रीम कोर्ट के गाइडलाइंस का रखा जाएगा खास ध्यान: 2% चरनोई सुरक्षित

जमीन का चिन्हांकन करते समय पर्यावरण और मवेशियों के हितों की अनदेखी न हो, इसके लिए तहसीलदारों को विशेष हिदायत दी गई है। माननीय उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करते हुए, चरनोई (चरागाह) भूमि का न्यूनतम 2 प्रतिशत रकबा अनिवार्य रूप से सुरक्षित रखा जाएगा। चरनोई की इस सुरक्षित जमीन से कोई छेड़छाड़ नहीं की जा सकेगी।

एक माह की डेडलाइन: निर्धारित प्रारूप में मांगी रिपोर्ट

प्रशासन ने इस पूरी कवायद के लिए समय-सीमा (Timeline) तय कर दी है। आबादी क्षेत्र घोषित करने के लिए उपयुक्त पाई गई भूमि का पूरा विवरण एक निर्धारित प्रारूप में संकलित किया जाएगा। सभी तहसीलदारों को एक माह के भीतर यह सर्वे रिपोर्ट तैयार कर कलेक्टर कार्यालय को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

अवैध कब्जों पर रोक: पहले से जमीन चिन्हित होने से शासकीय जमीनों पर भू-माफिया या अवैध अतिक्रमण का खतरा कम होगा।

आवास योजनाओं को गति: पीएम आवास जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं के लिए भविष्य में जमीन की कमी नहीं होगी।

विवादों से मुक्ति: गांवों में आबादी क्षेत्र की जमीन को लेकर होने वाले आपसी और कानूनी विवादों का स्थाई निपटारा होगा।

प्रशासन की इस दूरगामी नीति से ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को एक नई दिशा मिलेगी, जिससे आने वाली पीढ़ी को बुनियादी सुविधाओं और आवास के लिए भटकना नहीं पड़े

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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