मझौली में ₹1.35 करोड़ का गेहूं उपार्जन घोटाला, कागजों पर हुई ‘फर्जी खरीदी’, 10 पर FIR

मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के मझौली क्षेत्र में सरकारी गेहूं खरीदी (उपार्जन) में एक बेहद गंभीर, संगठित और सुनियोजित फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ हुआ है। ‘

मझौली/जबलपुर 

भूमि ग्राम संगठन हटौली’ (केन्द्र कोड: 56433201) में अधिकारियों और बिचौलियों की जुगलबंदी ने मिलकर सरकार को ₹1.35 करोड़ से अधिक का चूना लगा दिया। भौतिक सत्यापन के दौरान केंद्र से 5,168.70 क्विंटल गेहूं कम (शॉर्टेज) पाया गया है।

कलेक्टर एवं जिला उपार्जन समिति के कड़े रुख के बाद, कनिष्ठ खाद्य आपूर्ति अधिकारी की लिखित शिकायत और अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सिहोरा की जांच रिपोर्ट के आधार पर मझौली पुलिस ने केंद्र प्रभारी सहित कुल 10 लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की गंभीर धाराओं के तहत आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है।

कागजों पर कटी तौल पर्चियां, गोदामों से अनाज गायब

जांच दल द्वारा सौंपे गए प्रतिवेदन ने इस घोटाले की परतों को खोलकर रख दिया है। ई-उपार्जन पोर्टल के डिजिटल आंकड़ों और जमीन पर मौजूद असलियत में जमीन-आसमान का अंतर मिला:

 पोर्टल पर दर्ज खरीदी: 48,347.07 क्विंटल गेहूं

 वेयरहाउस में मिला वास्तविक स्टॉक: 43,179.0 क्विंटल गेहूं

 कुल गायब गेहूं:5,168.70 क्विंटल (अनुमानित कीमत: ₹1,35,67,837.50)

 4,444 सरकारी बारदानों का ‘डिजिटल खेल’

इस फर्जीवाड़े को अंजाम देने के लिए केवल गेहूं ही नहीं, बल्कि सरकारी बारदानों का भी जमकर दुरुपयोग किया गया। मध्य प्रदेश स्टेट सिविल सप्लाइज कॉर्पोरेशन द्वारा इस केंद्र को कुल 92,250 नग बारदाने आवंटित किए गए थे। लेकिन आरोपियों ने ऑनलाइन पोर्टल पर हेरफेर करके 96,694 नग बारदानों का उपयोग दिखा दिया। इस तरह 4,444 नग बारदानों की फर्जी आवक ऑनलाइन दर्ज कर करोड़ों के फर्जीवाड़े को छिपाने की कोशिश की गई।

कंप्यूटर ऑपरेटर, बिचौलिये और अधिकारियों की ‘जुगलबंदी’

जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि यह उपार्जन केंद्र एक महिला संगठन (भूमि ग्राम संगठन) के अधीन था। इसके बावजूद, नियमों को ताक पर रखकर केंद्र का पूरा काम बाहरी व्यक्तियों—अमन पांडेय और आकाश पांडेय को सौंप दिया गया था।

 रिकॉर्ड लेकर भागा मुख्य मास्टरमाइंड: घोटाले का मुख्य सूत्रधार अमन पांडेय कंप्यूटर ऑपरेटर मयूरी लोधी और सहयोगी शुभम बर्मन के साथ मिलकर पोर्टल पर फर्जी एंट्रियां करवाता रहा। जैसे ही जांच टीम सक्रिय हुई, अमन पांडेय केंद्र के समस्त सरकारी दस्तावेज और तौल पर्ची के रिकॉर्ड लेकर फरार हो गया।

 किसानों से चौतरफा अवैध वसूली: ग्राउंड सर्वेयर अनिल पटेल ने छोटे-बड़े किसानों को जमकर लूटा। सर्वेयर ऐप के माध्यम से गेहूं को FAQ (मानकीकृत यानी अच्छी क्वालिटी का) घोषित करने के नाम पर ₹500 से ₹1000 प्रति किसान की अवैध वसूली की गई। हद तो तब हो गई जब उन किसानों के नाम पर भी फर्जी ऑनलाइन फीडिंग कर दी गई, जो कभी केंद्र पर गेहूं लेकर आए ही नहीं थे। इसके अलावा, बारदाने की भराई और सिलाई के नाम पर भी ₹6 प्रति बारदाना अवैध रूप से वसूला गया।

 अधिकारियों की घोर लापरवाही या मूकसहमति?

इस पूरे मामले में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के ब्लॉक मैनेजर श्रीप्रकाश पांडेय, नोडल अधिकारी आनंद भारसाकले और प्रभारी सहायक आपूर्ति अधिकारी प्रमोद कुमार मिश्रा की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। इन अधिकारियों ने साप्ताहिक समीक्षा बैठकों और अनुविभागीय अधिकारी सिहोरा के आदेशों की जानबूझकर अनदेखी की। अधिकारियों ने कभी केंद्र का औचक निरीक्षण नहीं किया, जिससे आरोपियों को बेखौफ होकर इस घोटाले को अंजाम देने का खुला मौका मिला।

 इन 10 आरोपियों पर दर्ज हुई नामजद FIR

कनिष्ठ खाद्य आपूर्ति अधिकारी की शिकायत पर मझौली पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 316(2) [अमानत में खयानत], 316(5), 318(2) [धोखाधड़ी] एवं 3(5) [सामान्य आशय] के तहत निम्नलिखित 10 लोगों को आरोपी बनाया है:

 1. रीना लोधी (संगठन अध्यक्ष एवं खरीदी केन्द्र प्रभारी, हटौली)

 2. शुभम बर्मन (सहयोगी, सिहोरा)

 3. मयूरी लोधी (कंप्यूटर ऑपरेटर, हटौली)

 4. अमन पाण्डेय (मुख्य आरोपी, बुधुआ, सिहोरा)

 5. आकाश पाण्डेय (बुधुआ, सिहोरा)

 6. अनिल पटेल (खरीदी सर्वेयर, अमेठी, उ.प्र.)

 7. आनंद भारसाकले (सहायक विकासखण्ड प्रबंधक व तत्कालीन नोडल अधिकारी)

 8. प्रमोद कुमार मिश्रा (प्रभारी सहायक आपूर्ति अधिकारी व नोडल अधिकारी)

 9. श्रीप्रकाश पाण्डेय (ब्लॉक मैनेजर, NRLM, मझौली)

 10. रिंकू साहू (कथित बिचौलिया/व्यापारी, मझौली)

मझौली थाना प्रभारी (इंस्पेक्टर) नेहरू सिंह खंडाते ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस की अलग-अलग टीमें फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही हैं। जिला प्रशासन ने भी साफ कर दिया है कि उपार्जन केंद्र के खरीदी डेटा के तकनीकी विश्लेषण का काम अभी जारी है। यदि जांच के अगले चरणों में कोई अन्य वित्तीय या तकनीकी अनियमितता सामने आती है, तो आरोपियों के खिलाफ पूरक धाराओं के तहत और भी कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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