कनक क्रांति गोल्ड” और “एमटीयू-1010” के नाम पर किसानों को बेचने की तैयारी, कलेक्टर के निर्देश पर कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई

जबलपुर में नकली धान बीज का बड़ा खेल उजागर: प्रिंटिंग प्रेस में हो रही थी अवैध पैकिंग, दो बीज विक्रेताओं पर FIR

जबलपुर

जिले में किसानों के साथ बड़े धोखाधड़ी के खेल का खुलासा हुआ है। धान की नामी किस्मों के नाम पर नकली बीज तैयार कर बाजार में खपाने की साजिश का पर्दाफाश करते हुए कृषि विभाग ने दो बीज विक्रेताओं के खिलाफ पनागर थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। कार्रवाई कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह के निर्देश पर खाद, बीज और कीटनाशकों की कालाबाजारी रोकने चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई।

मामला सामने आने के बाद कृषि विभाग और प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है। आरोप है कि किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले धान बीज के नाम पर नकली और गलत पैकिंग वाला बीज बेचने की तैयारी की जा रही थी।

प्रिंटिंग प्रेस में चल रहा था नकली बीज पैकिंग का खेल

उप संचालक कृषि उमेश कुमार कटहरे ने बताया कि पनागर विकासखंड के बीज निरीक्षक एवं वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी पंकज शर्मा ने दिवरी खुर्द, पनागर स्थित आनंद ज्योति प्रिंटिंग प्रेस का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान वहां धान की लोकप्रिय किस्म ‘कनक क्रांति गोल्ड 135’ और ‘एमटीयू-1010’की अवैध और नकली पैकिंग होते हुए पकड़ी गई।

जांच में सामने आया कि:कनक एग्रो सीड्स तेलंगाना के संचालक राजेश कुमार मौर्य और सम्यक सीड्स जबलपुर के संचालक अनिल जैन

मिलकर नकली बीज की पैकिंग का काम कर रहे थे।

दूसरे अनाज को बना रहे थे “एमटीयू-1010” धान बीज

जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी अनिल जैन द्वारा असाटी वेयर हाउस, मटियाकुई में अन्य अनाज को धान की किस्म “एमटीयू-1010” के नाम से गलत तरीके से पैक किया जा रहा था। यानी किसानों को असली प्रमाणित धान बीज के नाम पर दूसरे अनाज बेचने की तैयारी थी।

कृषि विभाग के अनुसार यह न केवल किसानों के साथ आर्थिक धोखाधड़ी है, बल्कि फसल उत्पादन और कृषि व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाला गंभीर अपराध भी है।

 इन धाराओं में दर्ज हुई FIR

बीज निरीक्षक पंकज शर्मा की शिकायत पर पनागर थाने में दोनों आरोपियों के खिलाफ:

बीज अधिनियम 1966 की धारा 21 आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3 एवं 7 तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(2) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।

 किसानों की मेहनत पर डाका डालने की तैयारी?

विशेषज्ञों का मानना है कि नकली बीज किसानों के लिए सबसे बड़ा खतरा साबित हो सकते हैं। ऐसे बीज

* अंकुरण खराब करते हैं,

* उत्पादन घटाते हैं,

और किसानों को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाते हैं।

यही कारण है कि कृषि विभाग इस मामले को गंभीर आर्थिक अपराध मानकर जांच आगे बढ़ा रहा है।

बड़ा सवाल: जिले में और कितने “नकली बीज सिंडिकेट” सक्रिय?

इस कार्रवाई ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं:

* क्या जिले में लंबे समय से नकली बीज का नेटवर्क सक्रिय है?

* क्या अन्य गोदामों और बीज दुकानों में भी इसी तरह की पैकिंग हो रही है?

 किसानों तक अब तक कितना नकली बीज पहुंच चुका है? और सबसे अहम — क्या इस पूरे खेल में सिर्फ दो व्यापारी शामिल हैं या इसके पीछे बड़ा गिरोह काम कर रहा है?

कलेक्टर के निर्देश पर शुरू हुई इस कार्रवाई को कृषि विभाग की बड़ी सफलता माना जा रहा है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि जांच में और कितने नाम सामने आते हैं तथा दोषियों पर आगे कितनी सख्त कार्रवाई होती है।

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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