कूलर कांड: नगर परिषद की नाक के नीचे से 20 कूलर ‘हवा’, चोर ले गए या ‘अपनों’ ने ही कर दिया पार?

तपती और चिलचिलाती गर्मी में जहां मझौली की जनता बूंद-बूंद पानी और थोड़ी सी ठंडी हवा के लिए त्राहि-त्राहि कर रही है, वहीं नगर परिषद मझौली के गलियारों से एक ऐसा ‘सनसनीखेज’ मामला सामने आया है जिसने पूरे प्रशासनिक महकमे की चूलें हिला दी हैं।

मझौली/ जबलपुर

मामला मामूली नहीं है। नगर परिषद कार्यालय के ठीक नाक के नीचे स्थित बिहारी लाल मार्केट बाजार प्लांट से रातों-रात एक-दो नहीं, बल्कि पूरे 20 सरकारी कूलर रहस्यमयी तरीके से गायब हो गए हैं। इस घटना के बाद से नगर परिषद में हड़कंप मचा हुआ है और जिम्मेदार अधिकारी कैमरे के सामने कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।

आधी रात का ‘ऑपरेशन कूलर’: बिना पिकअप के संभव नहीं!

सूत्रों से मिली पुख्ता जानकारी के अनुसार, ये सभी कूलर सरकारी कस्टडी में बिहारी लाल मार्केट बाजार प्लांट परिसर में सुरक्षित रखे हुए थे। नगर परिषद कार्यालय से इस जगह की दूरी इतनी कम है कि वहां से खांसने की आवाज भी दफ्तर तक पहुंच जाए। इसके बावजूद चोरों ने इतनी सफाई से हाथ साफ किया कि किसी को कानों-कान भनक तक नहीं लगी।

सोचने वाली बात यह है:

 20 भारी-भरकम कूलर कोई जेब में रखकर या पैदल लेकर नहीं भाग सकता।

  इन्हें ले जाने के लिए निश्चित रूप से किसी पिकअप, छोटा हाथी या बड़े मालवाहक वाहन का इस्तेमाल किया गया होगा।

 कूलर लोड करने में कम से कम 4 से 5 लोगों को अच्छा-खासा समय लगा होगा।

ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि जब शहर की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाली नगर परिषद के अपने ही परिसर के पास इतनी बड़ी हलचल हो रही थी, तब वहां तैनात सुरक्षाकर्मी और चौकीदार क्या ‘कुंभकर्णी’ नींद सो रहे थे? या फिर जानबूझकर आंखें मूंद ली गई थीं?

 चोरी या ‘भीतरघात’? चर्चाओं का बाजार गर्म

इस महा-चोरी के बाद से मझौली के चौक-चौराहों और चाय की टपरियों पर सिर्फ इसी ‘कूलर कांड’ की चर्चा है। आम जनता दबी जुबान में इसे साधारण चोरी मानने से साफ इनकार कर रही है। लोगों का सीधा आरोप है कि बिना किसी विभागीय सांठगांठ या ‘अंदरूनी सेटिंग’ के इतने बड़े कबाड़े को अंजाम देना किसी बाहरी चोर के बूते की बात नहीं है।

 1. क्या ये कूलर वाकई चोरी हुए हैं, या फिर इन्हें कागजों में ही “ठंडी हवा” दिखाकर कहीं और खपा दिया गया है?

 2. क्या हर बार की तरह इस बार भी किसी छोटे कर्मचारी को ‘बलि का बकरा’ बनाकर असली मगरमच्छों को बचा लिया जाएगा?

लीपापोती की कोशिशें शुरू, जनता मांग रही जवाब

अंदरखाने से खबर है कि मामला मीडिया में आने के बाद से ही आला अधिकारियों के पसीने छूट रहे हैं। सूत्रों का दावा है कि इस पूरे मामले को ठंडे बस्ते में डालने, कागजी हेरफेर करने और मामले पर मिट्टी डालने (लीपापोती) की कवायदें भी तेज हो चुकी हैं।

लेकिन इस बार मझौली की जागरूक जनता चुप बैठने के मूड में नहीं है। जनता इस ‘कूलर कांड’ के पीछे के असली मास्टरमाइंड को बेनकाब देखना चाहती है।

 बड़ा सवाल: अब आगे क्या?

अब देखना यह होगा कि इस तगड़ी सेंधमारी और प्रशासनिक विफलता पर नगर परिषद के मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) और आला अफसर क्या सफाई देते हैं? क्या इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए पुलिस में FIR दर्ज कराई जाएगी, या फिर सरकारी माल को “अंधेर नगरी चौपट राजा” की तर्ज पर लावारिस छोड़ दिया जाएगा?

मझौली की जनता की नजरें अब पुलिसिया कार्रवाई और परिषद के अगले कदम पर टिकी हैं!

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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