खाद-बीज की कालाबाजारी की तो सीधे दर्ज होगी FIR, कलेक्टर के निर्देश पर जबलपुर जिले में उड़नदस्ता दल गठित

1 जून से 31 जुलाई तक चलेगा उर्वरक गुण नियंत्रण का सघन अभियान

 खाद के साथ जबरन दूसरा सामान (टैगिंग) बेचने वाले दुकानदारों पर होगी सख्त कार्रवाई

 पूरे जिले को 3 अनुभागों में बांटकर महिला कृषि अधिकारियों को सौंपी उड़नदस्तों की कमान

जबलपुर

आगामी खरीफ सीजन में किसानों को उच्च गुणवत्ता के बीज, खाद और कीटनाशक सही दामों पर मिल सकें, इसके लिए कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के निर्देश पर जिला प्रशासन ने कमर कस ली है।

जिले में कृषि आदानों की कालाबाजारी, अवैध भंडारण, जमाखोरी, परिवहन और निर्धारित से अधिक दामों पर बिक्री को रोकने के लिए विशेष ‘गुण नियंत्रण दलों’ (उड़नदस्ता टीमों) का गठन किया गया है। प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि किसानों के साथ धोखाधड़ी करने वाले विक्रेताओं को सीधे जेल भेजा जाएगा।

उप संचालक कृषि उमेश कुमार कटहरे ने बताया कि जबलपुर जिले में 01 जून से 31 जुलाई 2026 तक उर्वरक गुण नियंत्रण के लिए एक सघन अभियान चलाया जा रहा है। इसके अलावा 30 जून 2026 तक कीटनाशक निर्माता संस्थानों का औचक निरीक्षण कर सैंपल कलेक्शन का काम युद्धस्तर पर किया जाएगा।

यदि कोई भी विक्रेता या संस्थान नकली, अमानक या मिसब्रांडेड सामग्री बेचता हुआ पाया जाता है, या तय एमआरपी (MRP) से अधिक पैसे वसूलता है, तो उसके खिलाफ तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज कराकर वैधानिक दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

अक्सर देखा जाता है कि मांग बढ़ने पर कुछ डीलर यूरिया या अन्य खादों के साथ जबरन बायो-स्टीम्युलेंट, जिंक या अन्य कोई गैर-जरूरी उत्पाद (टैगिंग) किसानों को थमा देते हैं। उप संचालक ने स्पष्ट किया है कि इस तरह की जबरन लिंकिंग या टैगिंग करने वाले विक्रेताओं के लाइसेंस तुरंत सस्पेंड कर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

पूरे जबलपुर जिले में प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए तीन अलग-अलग उड़नदस्ता टीमों का गठन किया गया है, जिनकी कमान तीन महिला अधिकारियों को सौंपी गई है:

 1. जबलपुर, पनागर और कुण्डम क्षेत्र: प्रभारी अनुविभागीय कृषि अधिकारी श्रीमती प्रतिभा गौर।

 2. पाटन और शहपुरा क्षेत्र: प्रभारी अनुविभागीय कृषि अधिकारी पाटन डॉ. इंदिरा त्रिपाठी।

 3. सिहोरा और मझौली क्षेत्र:प्रभारी अनुविभागीय कृषि अधिकारी श्रीमती मनीषा पटेल।

इन टीमों में स्थानीय कृषि विकास अधिकारी, निरीक्षक और कृषि स्नातक विस्तार अधिकारियों को शामिल किया गया है, जो लगातार दुकानों और गोदामों का औचक निरीक्षण करेंगे।

कलेक्टर कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, सभी प्रकार के उर्वरकों के बैचवार और लॉटवार सैंपल लेकर तुरंत प्रयोगशाला (लैब) भेजे जाएंगे। चेकिंग के दौरान पीओएस (POS) मशीन से बिक्री में हेरफेर, बिना लाइसेंस व्यापार, सब्सिडी वाले सरकारी खाद का फैक्ट्रियों में (औद्योगिक) उपयोग या अन्य राज्यों में अवैध परिवहन मिलने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955, उर्वरक गुण नियंत्रण आदेश 1985, बीज गुण नियंत्रण आदेश 1983 और कीटनाशक अधिनियम 1968 की गंभीर धाराओं के तहत कड़ी दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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