मध्य पदेश के पांच जिलों में करीब 92 लाख रुपये के बड़े वित्तीय फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है।
भोपाल
जांच में खुलासा हुआ है कि सरकारी और निजी खातों से रकम निकालकर उसे योजनाबद्ध तरीके से दूसरे बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया। मामले की भनक लगते ही प्रशासन और पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है।
प्राथमिक जांच में पता चला है कि आरोपियों ने बैंकिंग प्रक्रिया और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन का दुरुपयोग करते हुए अलग-अलग खातों के जरिए रकम को इधर-उधर किया। रकम को कई खातों में बांटकर ट्रांसफर किया गया, ताकि फर्जीवाड़े का पता देर से चल सके।
सूत्रों के मुताबिक यह पूरा खेल पांच जिलों में फैले नेटवर्क के माध्यम से किया गया, जिसमें कुछ संदिग्ध खातों और लेन-देन की जानकारी सामने आई है। संबंधित विभागों द्वारा संदिग्ध खातों को चिन्हित कर ट्रांजैक्शन की गहन जांच शुरू कर दी गई है।
प्रशासन का कहना है कि मामले में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि इस फर्जीवाड़े में और कितने लोग शामिल हैं तथा पैसा किन-किन खातों में भेजा गया।
मामले के सामने आने के बाद पूरे प्रदेश में वित्तीय लेन-देन और संबंधित खातों की निगरानी बढ़ा दी गई है।




