मध्य प्रदेश सरकार द्वारा किसानों के हित में एक बड़ा निर्णय लेते हुए गेहूं उपार्जन (Procurement) की प्रक्रिया को और अधिक सरल और सुलभ बना दिया गया है
कटनी
कटनी जिले में अब छोटे, मध्यम और बड़े सभी श्रेणी के किसान अपनी सुविधा अनुसार गेहूं विक्रय के लिए स्लॉट बुकिंग कर सकेंगे।
कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के निर्देशन में जिले की उपार्जन व्यवस्था में निम्नलिखित महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं:
समय सीमा में वृद्धि: स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथि को 30 अप्रैल से बढ़ाकर अब 9 मई कर दिया गया है।
शनिवार को भी खरीदी: किसानों की सुविधा के लिए अब प्रत्येक शनिवार को भी स्लॉट बुकिंग और गेहूं उपार्जन का कार्य सुचारू रूप से जारी रहेगा।
बढ़ी हुई तौल क्षमता:केंद्रों पर भीड़ कम करने के लिए प्रतिदिन की तौल क्षमता 1000 क्विंटल से बढ़ाकर 2250 क्विंटल कर दी गई है।
संसाधनों में विस्तार:प्रत्येक केंद्र पर तौल कांटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 कर दी गई है ताकि किसानों को लंबा इंतजार न करना पड़े।
विक्रय की स्वतंत्रता: किसान अब जिले के अपनी पसंद के किसी भी उपार्जन केंद्र पर जाकर अपनी उपज बेच सकते हैं।
किसानों को उनकी मेहनत का सही दाम देने के लिए सरकार द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य पर बोनस भी दिया जा रहा है:
समर्थन मूल्य: ₹2585 प्रति क्विंटल राज्य सरकार बोनस: ₹40 प्रति क्विंटल कुल प्रभावी दर:₹2625 प्रति क्विंटल
जिले में अब तक 23,583 किसानों ने अपने स्लॉट बुक कर लिए हैं। वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, 4,587 किसानों से 14,237 मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी पूरी की जा चुकी है। विशेष रूप से, सलैया पटोरी अत्याधुनिक साइलो केंद्र पर भी 390 किसानों से 1,427 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है
कलेक्टर ने अधिकारियों को पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध रखने के निर्देश दिए हैं। केंद्रों पर किसानों के लिए निम्नलिखित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं:
पीने का साफ पानी, छायादार बैठने का स्थान और जन सुविधाएं।
बारदाने, सिलाई मशीन, कंप्यूटर, इंटरनेट और गुणवत्ता परीक्षण उपकरण।
उपज की सफाई के लिए पंखा और छन्ना (Grading units) की उपलब्धता।
कलेक्टर का संदेश: “हमारा उद्देश्य है कि जिले का एक भी किसान अपनी उपज बेचने से वंचित न रहे और उन्हें केंद्रों पर किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। प्रशासन पूरी प्रक्रिया की निरंतर समीक्षा कर रहा है।




