पंचायत दर्पण पर कार्यों की तस्वीरें नदारद, इंजीनियर–दुकानदार गठजोड़ पर गंभीर सवाल
न जांच, न कार्रवाई—कागज़ों में चल रहा “विकास”
मझौली जबलपुर
जनपद पंचायत मझौली अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायतों में सरकारी धन की खुलेआम लूट का गंभीर मामला सामने आ रहा है। आरोप है कि विकास कार्यों के नाम पर फर्जी और मनमाने बिलों का धड़ल्ले से भुगतान किया जा रहा है, जबकि पंचायत दर्पण पोर्टल पर जारी कार्यों की न तो कोई तस्वीरें अपलोड हैं और न ही वास्तविक प्रगति का विवरण उपलब्ध है।
नियमों के अनुसार प्रत्येक पंचायत कार्य का जियो-टैग फोटो, कार्य स्थल की जानकारी और प्रगति विवरण पंचायत दर्पण पर अपलोड किया जाना अनिवार्य है। इसके बावजूद बिना स्थल निरीक्षण, बिना माप पुस्तिका (एमबी) के सत्यापन और बिना तकनीकी स्वीकृति के भुगतान किए जाने से इंजीनियरों और दुकानदारों की मिलीभगत की आशंका गहराती जा रही है।
सबसे गंभीर बात यह है कि इतने स्पष्ट उल्लंघनों के बावजूद न तो किसी स्तर पर तकनीकी ऑडिट कराया गया और न ही जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई कार्रवाई हुई। यह स्थिति मध्यप्रदेश पंचायत राज अधिनियम, वित्तीय नियमों एवं भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम का सीधा उल्लंघन है।
अब जनता मांग कर रही है कि तत्काल उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, दोषियों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज हों और पंचायतों में हुए प्रत्येक भुगतान का सामाजिक एवं तकनीकी ऑडिट कराया जाए। वरना यह “विकास” नहीं, कानूनी अपराध माना जाएगा।




