84 ग्राम पंचायतों की आवाज मुख्यमंत्री तक पहुँची
जबलपुर/मझौली |
तहसील मझौली को जिला बनाने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ चुकी है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, अधिवक्ताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और क्षेत्र की आम जनता द्वारा मुख्यमंत्री महोदय को एक विस्तृत ज्ञापन भेजा गया है, जिसमें मझौली को स्वतंत्र जिला घोषित करने की माँग को अति आवश्यक बताया गया है।
2002 में तहसील घोषित… पर आज तक नहीं बना अनुभाग!
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि वर्ष 2002 में मझौली को आधिकारिक रूप से तहसील घोषित कर दिया गया था। इसके साथ ही सिविल न्यायालय की स्वीकृति भी मिल चुकी है लेकिन दो दशक बाद भी उसका संचालन शुरू नहीं हो पाया।
इसी प्रकार, तहसील बनने के बाद भी अनुभाग (Sub-Division) का दर्जा आज तक नहीं मिला, जो पूरे प्रशासनिक ढांचे को अधूरा बनाता है।
84 ग्राम पंचायतों का केंद्र… 5 तहसीलों का भौगोलिक मध्यबिंदु
ज्ञापन के अनुसार मझौली 84 ग्राम पंचायतों का प्रमुख केंद्र है और यह पोंडा, मझौली, कटंगी, सिहोरा और पाटन — इन पाँच तहसीलों के बीच भौगोलिक रूप से केंद्रीय स्थान पर स्थित है।
स्थानीय नागरिकों ने तर्क दिया है कि–मझौली क्षेत्रफल एवं जनसंख्या के मानकों पर जिला बनाने योग्य है
➡ सरकारी कार्यालयों, न्यायालय, स्वास्थ्य और राजस्व सेवाओं के लिए यहाँ आने वाली भीड़ बढ़ रही है
➡ केंद्र बिंदु होने के कारण मझौली में जिला स्तर की सेवाएँ स्थापित करना आसान एवं व्यवहारिक होगा
जनता की सामूहिक आवाज — मुख्यमंत्री को भेजा गया ज्ञापन
ज्ञापन में अर्विंद कुमार कोष्टा (Conta. Majholi)
ओमप्रकाश कुमार साहू (Civil Court Jabalpur),
समस्त क्षेत्रवासी, अधिवक्तागण एवं सामाजिक प्रतिनिधि
सहित भारी संख्या में लोगों के हस्ताक्षर जोड़कर मझौली को जिला घोषित करने का अनुरोध किया गया है।
ज्ञापन में स्पष्ट कहा गया है —“मझौली क्षेत्र की जनता आपसे विनम्र निवेदन करती है कि शीघ्रातिशीघ्र मझौली को जिला घोषित किया जाए, जिससे पाँचों तहसीलों के लिए यहाँ एक सशक्त प्रशासनिक केंद्र विकसित हो सके।”
लंबे समय से जारी संघर्ष — अब उम्मीदें बढ़ीं स्थानीय संगठनों का कहना है कि वर्षों से जारी मांग अब निर्णायक मोड़ पर है।
सिविल कोर्ट, एसडीएम कार्यालय, राजस्व शाखाएँ और जिला स्तरीय कार्यालय यहाँ स्थापित होने से *पूरे क्षेत्र के विकास की गति कई गुना बढ़ेगी।
जनता की अपेक्षाएँ _प्रशासनिक सुविधा + रोजगार + न्यायिक तंत्र मजबूत
जिला बनने से— लोगों को भटकाव नहीं न्यायालय और प्रशासन की पहुँच आसान रोजगार के अवसरों में वृद्धि सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई जैसी सुविधाओं में तेजी से विस्तार ऐसी उम्मीद जताई जा रही है।
मझौली की जनता ने अब स्पष्ट संदेश दे दिया है — प्रशासनिक उपेक्षा समाप्त कर मझौली को जिला घोषित किया जाए।
अब सबकी नज़रें मुख्यमंत्री कार्यालय की आगामी कार्यवाही पर टिकी हुई हैं।




