मण्डला जिला के पिंडरई में कृषि भूमि पर बनाए गए रास्ते और अवैध प्लाटिंग लेआउट को जेसीबी से हटवाया गया।
जबलपुर
तुईयापानी और चिरईडोंगरी में प्रकरण दर्ज कर अवैध कॉलोनी घोषित कर कानूनी कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए। जिला कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा के निर्देशन में नैनपुर अनुविभाग में अवैध कॉलोनाइज़रों के विरुद्ध बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई। ग्राम पिंडरई में खसरा क्रमांक 311/1 कृषि भूमि पर अवैध प्लॉटिंग, बिना अनुमति लेआउट निर्माण और अनधिकृत रास्तों को जेसीबी से से ध्वस्त करवाया गया।
राजस्व निरीक्षक मंडल पिंडरई के ग्राम पिंडरई स्थित खसरा क्रमांक 311/1 में बिना कॉलोनाइज़र रजिस्ट्रेशन, टीएनसीपी अनुमोदन और स्वीकृत नक्शे के अवैध प्लॉटिंग की जा रही थी। जांच में पाया गया कि कृषि भूमि पर अवैध लेआउट डालकर सड़कें बनाई गई थीं और अस्थाई झोपड़ी खड़ी कर विज्ञापन लगाकर प्लॉट बेचने की तैयारी चल रही थी। उक्त घटना को संज्ञान में लेते हुए भूमिस्वामी को निर्देशित कर जेसीबी से अवैध लेआउट हटवाया गया।
तुईयापानी में उजागर हुई अवैध कालोनी – अनुविभागीय अधिकारी राजस्व न्यायालय ने घोषित की ‘अवैध’ –
ग्राम तुईयापानी (खसरा क्रमांक 256, 267, 268) में अवैध कॉलोनी की शिकायत पर मामला न्यायालय, अनुभागीय अधिकारी राजस्व नैनपुर में दर्ज किया गया। सुनवाई के दौरान कॉलोनाइज़र आवश्यक दस्तावेज— कॉलोनाइज़र रजिस्ट्रेशन, अनुज्ञा, टीएनसीपी परमिशन, स्वीकृत नक्शा ले आउट प्रस्तुत करने में असफल रहा। तथ्यों के आधार पर न्यायालय ने भूमि को “अवैध कॉलोनी” घोषित करते हुए संबंधित भूमि स्वामी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हेतु रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश तहसीलदार नैनपुर को जारी किए।
चिरईडोंगरी में भी हुई अवैध प्लॉटिंग की पुष्टि –
राजस्व निरीक्षक वृत चिरईडोंगरी के ग्राम चिरईडोंगरी (खसरा 39/1/1) में अवैध कॉलोनी काटने का मामला सामने आया। न्यायालय में प्रकरण दर्ज कर भूमिस्वामी को नोटिस दिया गया, परंतु वह भी कॉलोनाइज़र रजिस्ट्रेशन एवं अन्य वैध अनुमतियाँ प्रस्तुत नहीं कर सका। सुनवाई के बाद न्यायालय ने उक्त कॉलोनी को अवैध घोषित करते हुए नायब तहसीलदार चिरईडोंगरी को तत्काल कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए।
अवैध कॉलोनाइज़रों पर लगातार कार्रवाई जारी रहेगी –
अवैध प्लॉटिंग एवं अनाधिकृत कॉलोनी निर्माण लोगों को आर्थिक नुकसान पहुँचाते हैं और भविष्य में गंभीर अव्यवस्थाएँ पैदा करते हैं। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि प्लॉट खरीदते समय कॉलोनी के टी एण्ड सीपी अनुमोदन, कॉलोनाइजर रजिस्ट्रेशन और स्वीकृत अप्रूव्ड लेआउट, डायवर्सन अवश्य देखें ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
अवैध कॉलोनी निर्माण एवं बिना विधि/नियमानुसार अनुमति के प्लॉट क्रय विक्रय किया जाना मध्यप्रदेश पंचायती राज अधिनियम 1993 की धारा 64 B 64 D 64 E, कॉलोनाइजर नियम 2014 एवं मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1961 के अंतर्गत दंडनीय अपराध है। इसमें कॉलोनाइजर पर 3 वर्ष से 7 वर्ष के कारावास एवं अवैध प्लॉट खरीदने वाले क्रेता द्वारा अवैध निर्माण पर 6 माह तक की सजा के प्रावधान है।




