दो वर्ष की उपलब्धियां– प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत 1,224 जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण कार्य पूर्ण।
भोपाल
– गोबरधन योजना के तहत 73 बायो गैस संयंत्रों का निर्माण पूर्ण।
– ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों, युवाओं को शिक्षा सामग्री उपलब्ध कराने और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु 72 आजीविका पुस्तकालय की सुविधा
– मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना के तहत 30,900 किमी. सड़कों के निर्माण की स्वीकृति
– नक्सल प्रभावित जिलों में विकेंद्रीकृत कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ
आगामी तीन वर्षों की कार्ययोजना- पंचायतों की आय के स्रोत बढ़ाने के लिए प्रयास होंगे।
– मुख्यमंत्री वृन्दावन ग्राम योजना के ग्रामों को ‘मॉडल ग्राम’ के रूप में विकसित करेंगे।
– अर्ध शहरी एवं बड़ी ग्राम पंचायतों के व्यवस्थित विकास के लिए मध्यप्रदेश ग्राम पंचायत नियमों का युक्तियुक्तकरण किया जाएगा।
– ग्रामीण क्षेत्रों में कॉलोनियों के रजिस्ट्रेशन एवं विकास की अनुमति केन्द्रीकृत ऑनलाइन व्यवस्था पोर्टल के माध्यम से की जाएगी।
– ग्रामों में सुगम आवागमन के लिए दोहरी संपर्कता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री सुगम संपर्कता परियोजना का क्रियान्वयन किया जाएगा।
– सांदीपनि शालाओं में स्व-सहायता समूहों के माध्यम से मैकेनाइज्ड किचन शेड का संचालन किया जाएगा।




