25 नवम्बर 2025 को हुई मंत्रिमण्डल की बैठक में मोहन कैबिनेट ने प्रदेश में नगर पालिका एवं नगर परिषद के अध्यक्ष पदों पर जनता द्वारा प्रत्यक्ष चुनाव कराने के लिए विधेयक विधानसभा में पेश करने की स्वीकृति दी है।
भोपाल
क्या है फैसला अब नगर पालिका (Municipality) और नगर परिषद (Town Council) के अध्यक्ष — जिन्हें पहले वार्ड पार्षदों द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से चुना जाता था — को सीधे मतदाता चुनेंगे। यह व्यवस्था पहले 1999 से 2014 तक थी; लेकिन 2022 में इन पदों के लिए अप्रत्यक्ष चुनाव लागू कर दिए गए थे। अब पुरानी प्रत्यक्ष प्रणाली को बहाल किया जा रहा है। इस बदलाव के बाद नगर निकायों के अध्यक्षों को जनता का सीधा ‘जनादेश’ प्राप्त होगा, जिससे जनता के लिए जवाबदेही और पारदर्शिता बेहतर होगी।
क्यों है यह महत्वपूर्ण
लोकतंत्र का सशक्तीकरण— पार्षदों द्वारा चुने जाने की बजाय सीधे मतदाताओं के बहुमत से अध्यक्ष चुनने से जनता की सशक्त भागीदारी होगी।
जवाबदेही व पारदर्शिता — अध्यक्षों के चुनाव में जनता की भागीदारी होने से उनका काम व जवाबदेही जनता के प्रति होगी, न कि सिर्फ पार्षदों या दलों के बीच राजनीति तक सीमित।
स्थिरता और विश्वास — लंबे समय से पारदर्शिता और जन-वह मताधिकार की मांग की जा रही थी; यह फैसला उसे मान्यता देता है और स्थानीय शासन को मजबूत बनाता है।
यह व्यवस्था तभी लागू होगी जब प्रस्तावित विधेयक विधानसभा में पारित हो जाए। फिलहाल यह अभी विधेयक प्रस्तावित करने की स्वीकृति मात्र है। प्रत्यक्ष चुनिन्दा अध्यक्ष बनने के बाद, उनसे जनता की उम्मीदें बढ़ेंगी — इसलिए उनके कर्तव्यों व प्रदर्शन की जिम्मेदारी भी बढ़ जाएगी
हमारी मझौली / जबलपुर-क्षेत्र की दृष्टि से — क्या मायने हो सकते हैं
चूंकि आप मझौली (जबलपुर जिला) क्षेत्र के स्थानीय प्रशासनिक गतिविधियों पर विशेष ध्यान रखते हैं, इस फैसले का आपके क्षेत्र के लिए निम्नलिखित मायने हो सकते हैं:
यदि आपके क्षेत्र में नगर परिषद/नगर पालिका है — वहाँ अध्यक्ष का चुनाव अब सीधे जनता करेगी, जिससे आपके जैसे सामान्य नागरिकों की भागीदारी बढ़ेगी।
पारदर्शी चुनाव और जनता द्वारा अध्यक्ष चुनने से स्थानीय प्रशासन में जवाबदेही बढ़ेगी — अविकास, शिकायत, अधिकारों के हनन आदि के मामलों में जनता की सुनवाई बेहतर हो सकती है।
आप (या स्थानीय सक्रिय नागरिक) अब अध्यक्ष पद के लिए आशा/प्रत्येक प्रत्याशी से स्पष्ट वादे मांग सकते हैं — क्योंकि अध्यक्ष जनता का प्रतिनिधि होगा।




