एक ओर सूरज की तपिश और भीषण गर्मी से लोग बेहाल हैं, वहीं दूसरी ओर नगर परिषद मझौली के उपभोक्ता बिजली विभाग की लापरवाही और कम वोल्टेज (Low Voltage) की समस्या से दो-दो हाथ कर रहे हैं।
मझौली (जबलपुर)
नगर के मुख्य बाजार से लेकर वार्डों के अंदरूनी हिस्सों तक बिजली की हालत इतनी खस्ता है कि लोगों का जीना मुहार हो गया है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि वोल्टेज इतना कम है कि घरों में लगे 9 वाट के LED बल्ब भी बमुश्किल टिमटिमा रहे हैं। गर्मी से राहत पाने के लिए खरीदे गए कूलर और पंखे सिर्फ सजावट का सामान बनकर रह गए हैं। कम वोल्टेज के कारण पंखे अपनी पूरी रफ्तार नहीं पकड़ पा रहे हैं और कूलर की मोटर जलने का खतरा बना हुआ है।
मझौली के मेन मार्केट में व्यापार करना मुश्किल हो गया है। शाम होते ही दुकानें अंधेरे के आगोश में समा जाती हैं, जिससे ग्राहकों और दुकानदारों दोनों को परेशानी हो रही है। यही हाल नगर के रिहायशी वार्डों का है, जहाँ रात की नींद हराम हो चुकी है। छोटे बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति जानलेवा साबित हो रही है।
हैरानी की बात यह है कि शिकायतों के बावजूद बिजली विभाग इस समस्या का कोई स्थाई समाधान नहीं निकाल रहा है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि वोल्टेज के उतार-चढ़ाव (Fluctuation) के कारण फ्रिज, टीवी और अन्य महंगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण खराब हो रहे हैं।
“हम बिजली का बिल तो पूरा भरते हैं, लेकिन सुविधा के नाम पर हमें सिर्फ अंधेरा और उमस मिल रही है। प्रशासन को जल्द से जल्द नए ट्रांसफार्मर या लाइन क्षमता बढ़ाने पर काम करना चाहिए।”— एक पीड़ित नागरिक
नगरवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही वोल्टेज की समस्या में सुधार नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन और चक्काजाम करने को विवश होंगे।
रिपोर्ट: मझौली दर्पण न्यूज




