नौनिहालों के निवाले पर डाका: ढोडा स्कूल में 3 महीने से मध्याह्न भोजन बंद, काम ठप फिर भी समूह के खाते में पहुंच रही सरकारी राशि

जांच में खुली पोल: समूह अध्यक्ष बोलीं— ‘सचिव अपने परिवार के साथ मिलकर चला रहे मनमानी, अनपढ़ होने का फायदा उठाकर विड्रॉल पर करा लेते हैं दस्तखत’

शिक्षकों की लाचारी: अब तक जैसे-तैसे संभाली वैकल्पिक व्यवस्था, प्रधानपाठक ने CEO को लिखा पत्र— ‘अब भोजन बंद होना तय’

मझौली (जबलपुर)।

जनपद पंचायत मझौली के अंतर्गत आने वाले शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला ढोडा में सरकारी योजनाओं की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। शासन द्वारा गरीब बच्चों को विद्यालय से जोड़ने और कुपोषण दूर करने के लिए चलाई जा रही मध्याह्न भोजन (MDM) योजना यहां भ्रष्टाचार और लापरवाही की भेंट चढ़ चुकी है। 16 जून को नया शिक्षण सत्र शुरू होने के बाद से आज तक ‘माँ जगदम्बा स्व-सहायता समूह’ ने चूल्हा तक नहीं जलाया, लेकिन हैरानी की बात यह है कि समूह के खाते में नियमित रूप से सरकारी बजट का भुगतान जारी है।
बीआरसीसी के पंचनामे में खुली धांधली
मामले की गंभीरता को देखते हुए 29 जून को विकासखंड स्रोत समन्वयक (BRCC) मझौली ने विद्यालय का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान जो हकीकत सामने आई, उसने प्रशासनिक तंत्र को कटघरे में खड़ा कर दिया।
निरीक्षण के दौरान समूह की अध्यक्ष तीरत बाई और रसोइयों ने लिखित बयान में खुलासा किया कि समूह की सचिव और अन्य सदस्य एक ही परिवार के हैं। पूरा कामकाज परिवार विशेष की मर्जी से चल रहा है। राशन सामग्री उपलब्ध नहीं कराई जाती और भोजन बनाने से साफ मना कर दिया गया है। अध्यक्ष ने रोष व्यक्त करते हुए कहा— “हम अनपढ़ हैं, केवल हस्ताक्षर करना जानते हैं। हमसे विड्रॉल फॉर्म पर दस्तखत करवाकर पैसे निकाल लिए जाते हैं, लेकिन बच्चों के लिए राशन नहीं आता। यदि इस समूह को हटाया जाता है तो हमें कोई आपत्ति नहीं है।”
वैकल्पिक व्यवस्था भी दम तोड़ने की कगार पर
सत्र प्रारंभ होते ही जब समूह ने हाथ खड़े कर दिए, तब बीआरसीसी के मौखिक निर्देश पर शाला प्रभारी एवं शाला प्रबंधन समिति (SMC) ने आपसी सहयोग से किसी तरह वैकल्पिक व्यवस्था कर बच्चों को भोजन उपलब्ध कराना शुरू किया।
16 जून से 12 सितंबर तक यह काम उधारी और वैकल्पिक स्रोतों के दम पर खींचा गया। प्रधानपाठक ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) जनपद पंचायत मझौली को पत्र लिखकर साफ चेतावनी दी है कि समूह के खाते में जारी राशि को निकालने में सचिव लगातार आनाकानी कर रहे हैं। अब शिक्षकों और प्रबंधन के लिए यह व्यवस्था आगे जारी रखना मुमकिन नहीं है। यदि तत्काल निर्णय नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में भोजन पूरी तरह बंद हो जाएगा।
दर्ज संख्या और उपस्थिति गिरने की आशंका
ग्रामीण धर्मदास, आनंद कुमार सहित अन्य पालकों का कहना है कि पोषण आहार न मिलने से बच्चों की शाला में दर्ज संख्या और दैनिक उपस्थिति पर सीधा विपरीत असर पड़ रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पूर्व में भी इस समूह द्वारा मीनू अनुसार भोजन वितरण नहीं किया जाता था, जिसकी शिकायतें लगातार दबाई जाती रहीं।
कलेक्टर से लेकर जनपद CEO तक गुहार, 3 टूक मांगें:
* तत्काल निरस्तीकरण: सरकारी पैसे का दुरुपयोग करने वाले माँ जगदम्बा स्व-सहायता समूह का अनुबंध फौरन निरस्त हो।
* राशि की रिकवरी व एफआईआर: 16 जून से अब तक समूह के खाते में अंतरित की गई शासकीय राशि की वसूली की जाए और जिम्मेदारों पर गबन का प्रकरण दर्ज हो।
* नया समूह गठित हो: स्थानीय स्तर पर पारदर्शी प्रक्रिया के तहत सक्रिय एवं पात्र नए महिला समूह को भोजन निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी जाए।

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

Latest News

Stay Connected

0FansLike
30FollowersFollow
0FollowersFollow
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Most View