विद्यार्थियों के सब्र का बांध टूटा: सांदीपनि विद्यालय के छात्रों का पाटन-जबलपुर मार्ग पर उग्र चक्काजाम, TC देने की धमकी को ठुकराकर सड़कों पर उतरे नौनिहाल

शिक्षा के अधिकार और बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर जबलपुर जिले के पाटन में स्कूली छात्र-छात्राओं का आक्रोश चरम पर पहुंच गया।

रिपोर्ट / जबलपुर (पाटन)

पाटन स्थित सांदीपनि विद्यालय के दूरस्थ स्थान पर चले जाने और वादे के मुताबिक बस सुविधा उपलब्ध न कराए जाने से नाराज विद्यार्थियों ने मंगलवार को सड़कों पर उतरकर जबरदस्त प्रदर्शन किया। आक्रोशित छात्रों ने पाटन-जबलपुर तथा पाटन-शाहपुरा मुख्य मार्ग पर बैठ कर पूर्णतः चक्काजाम कर दिया। करीब एक घंटे तक चले इस आंदोलन के कारण सड़क के दोनों ओर यात्री बसों, ट्रकों और चौपहिया वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं, जिससे आवागमन पूरी तरह ठप हो गया।

10 से 25 किमी का थकाऊ सफर, पढ़ाई हो रही प्रभावित

सड़क पर प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं का कहना है कि सांदीपनि विद्यालय को मूल स्थान से हटाकर पाटन शहर से करीब 10 किलोमीटर दूर स्थापित कर दिया गया है। आसपास के ग्रामीण अंचलों से आने वाले बच्चों को रोजाना 20 से 25 किलोमीटर की लंबी और कठिन दूरी तय करनी पड़ रही है। सार्वजनिक परिवहन की कमी और खस्ताहाल व्यवस्था के चलते विद्यार्थियों का अधिकांश समय और ऊर्जा आने-जाने में ही नष्ट हो जाती है। घर लौटते-लौटते बच्चे इस कदर थक जाते हैं कि उनके लिए नियमित पढ़ाई करना असंभव सा हो गया है।

छात्रों का आरोप है कि विद्यालय प्रबंधन ने स्थानांतरण के समय छात्रों के लिए समर्पित बस सेवा शुरू करने का स्पष्ट आश्वासन दिया था, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी एक भी बस नहीं चलाई गई।

आंदोलन किया तो काट देंगे TC” — तानाशाही धमकी के आगे नहीं झुके छात्र

विद्यार्थियों ने विद्यालय प्रशासन पर तानाशाही रवैये का आरोप लगाते हुए खुलासा किया कि जब उन्होंने अपनी समस्याओं को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठानी चाही, तो उन्हें डराया-धमकाया गया। स्कूल प्रबंधन की ओर से स्पष्ट चेतावनी दी गई थी कि यदि किसी भी छात्र ने आंदोलन या प्रदर्शन में भाग लिया, तो उसे तत्काल स्थानांतरण प्रमाण पत्र (TC) थमाकर स्कूल से बाहर कर दिया जाएगा।

हालांकि, भविष्य के इस डर पर छात्रों का आक्रोश भारी पड़ा और प्रबंधन की इस धमकी को दरकिनार करते हुए सैकड़ों विद्यार्थी एक साथ सड़क पर उतर आए।

 “हम रोजाना घंटों का सफर पैदल या निजी साधनों से तय करके थक चुके हैं। स्कूल प्रशासन ने बसें चलाने का वादा किया था, लेकिन पूरा नहीं किया। जब हमने अपनी मांग रखी तो हमें टीसी काटकर निकालने की धमकी दी गई। यह हमारे भविष्य के साथ खिलवाड़ है, इसीलिए हमें मजबूरन सड़क पर उतरना पड़ा।” — अभय प्रजापति (आंदोलनकारी छात्र)

प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा, एसडीएम के आश्वासन पर खुला जाम

सड़क पर अचानक हुए भारी चक्काजाम और स्कूली बच्चों के आक्रोश की खबर मिलते ही पाटन थाना पुलिस और स्थानीय प्रशासनिक अमला दल-बल के साथ मौके पर पहुंचा। पुलिस अधिकारियों ने स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए मोर्चा संभाला और छात्रों को समझा-बुझाकर शांत कराने का प्रयास किया।

घटनास्थल पर पहुंचे पाटन एसडीएम मानवेंद्र सिंह ने आंदोलनकारी विद्यार्थियों से सीधी बातचीत की और उनकी सभी मांगों व शिकायतों को गंभीरता से सुना।

 “विद्यार्थियों की समस्याएं पूरी तरह वाजिब हैं। इस संबंध में सांदीपनि विद्यालय प्रबंधन को तलब कर सीधी वार्ता की जा रही है। छात्रों के सुचारू आवागमन के लिए बस सेवा या अन्य वैकल्पिीक व्यवस्था जल्द से जल्द सुनिश्चित की जाएगी। किसी भी छात्र पर उत्पीड़नत्मक कार्रवाई नहीं होने दी जाएगी।”

मानवेंद्र सिंह (एसडीएम, पाटन) 

प्रशासन द्वारा निष्पक्ष कार्रवाई करने और जल्द ही परिवहन व्यवस्था शुरू कराने के लिखित/मौखिक आश्वासन के बाद विद्यार्थियों ने अपना चक्काजाम समाप्त किया। इसके बाद पाटन-जबलपुर मार्ग पर यातायात पुनः सामान्य हो सका।

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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