धोखाधड़ी का सनसनीखेज मामला: बिना खाता खोले ही महिला के नाम पर निकल गया लोन, CIBIL स्कोर हुआ तबाह, पीड़ित पहुँची थाने

मझौली क्षेत्र में साइबर और वित्तीय जालसाजी का एक अत्यंत गंभीर और हैरतअंगेज मामला उजागर हुआ है।

मझौली (जबलपुर)

यहाँ एक असहाय महिला के नाम का दुरुपयोग कर अज्ञात शातिर ठग ने हजारों रुपये का लोन ऐंठ लिया। इस फर्जीवाड़े की भनक पीड़िता को तब तक नहीं लगी, जब तक कि उसका सिबिल (CIBIL) स्कोर पूरी तरह खराब होकर रसातल में नहीं चला गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़िता ने थाना प्रभारी मझौली को शिकायती आवेदन सौंपकर कड़ी कानूनी कार्रवाई की गुहार लगाई है।
बैंक में सिबिल चेक कराते ही उड़े होश
मिली जानकारी के अनुसार, मझौली नगर के वार्ड क्रमांक 11 (पोला रोड) निवासी लक्ष्मी बाई साहू (पति लल्लू साहू, उम्र 38 वर्ष) हाल ही में सेंट्रल बैंक शाखा पहुंची थीं। जब उन्होंने अपनी क्रेडिट/सिबिल रिपोर्ट (एक्सपेरियन रिपोर्ट) निकलवाई, तो उसमें दर्ज जानकारी देखकर उनके पैर तले जमीन खिसक गई। रिपोर्ट में दर्शाया गया था कि 24 जून 2017 को उनके नाम पर ₹8,000 (लगभग ₹4,000 बकाया/दर्ज) का लोन स्वीकृत किया गया है, जिसकी किस्तें न चुकाए जाने के कारण उनका सिबिल स्कोर बुरी तरह खराब हो चुका है।
“2021 में खुला पहला खाता, तो 2017 में किसने दिया लोन?” — उठ रहे बड़े सवाल
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा और चौंकाने वाला पहलू यह है कि पीड़िता लक्ष्मी बाई साहू का पहला बैंक खाता ही 23 जुलाई 2021 को खुला था। पीड़िता का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में कभी किसी बैंक या वित्तीय संस्था से कोई लोन नहीं लिया और न ही 2017 से पहले उनका कोई बैंक खाता अस्तित्व में था।
ऐसे में सवाल उठता है कि:
* बिना बैंक खाते और बिना भौतिक सत्यापन के 2017 में लोन किस बैंक या फाइनेंस कंपनी ने पास कर दिया?
* क्या किसी गिरोह द्वारा फर्जी दस्तावेजों (आधार/पैन) के जरिए यह फर्जीवाड़ा रचा गया है?
* क्या इस वित्तीय हेराफेरी में किसी बैंकिंग एजेंट या संस्था की मिलीभगत है?
पीड़िता ने पुलिस से लगाई न्याय की गुहार
पीड़िता लक्ष्मी बाई साहू ने थाना प्रभारी मझौली को आवेदन देकर मांग की है कि:
* गहन जांच: इस पूरे साइबर एवं वित्तीय फर्जीवाड़े की निष्पक्षता से जांच की जाए।
* बैंक की पहचान: यह तत्काल पता लगाया जाए कि लोन किस बैंक या एनबीएफसी (NBFC) संस्था से जारी हुआ है।
* कठोर कार्रवाई: किसी निष्पाप नागरिक की वित्तीय साख (CIBIL) बर्बाद करने वाले अज्ञात जालसाज को चिन्हित कर उसके खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया जाए।
यह घटना हर आम नागरिक के लिए एक चेतावनी है। अपने पहचान पत्रों (जैसे आधार, पैन कार्ड) को किसी भी अज्ञात या गैर-भरोसेमंद व्यक्ति के साथ साझा न करें। अपनी क्रेडिट/CIBIL रिपोर्ट की नियमित अंतराल पर जांच करते रहें ताकि आपके नाम पर हो रहे किसी भी संभावित वित्तीय अपराध का समय रहते पता चल सके।

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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