स्वास्थ्य विभाग में महाघोटाला: कैंसर से बचाने आई 25 लाख की सरकारी वैक्सीन खुले बाजार में बेची; पाटन BMO डॉ. विश्नोई पर FIR की तैयारी!

98 पन्नों के पुख्ता सबूतों के साथ कलेक्टर की जनसुनवाई में हुई शिकायत

यूविन (U-Win) पोर्टल पर फर्जी मोबाइल नंबर और OTP का खेल कर कागजों में निपटाया वैक्सीनेशन।

 एक ही मोबाइल नंबर पर दर्ज मिलीं अलग-अलग समाजों की 6 बेटियां; खुली पोल।

 कलेक्टर ने दिए 15 दिन में जांच के आदेश, CMHO ने BMO को थमाया 3 दिन का अल्टीमेटम

जबलपुर

मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले से सरकारी स्वास्थ्य तंत्र को शर्मसार करने वाला एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है। पाटन विकासखंड के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (BMO) डॉ. आदर्श विश्नोई पर आरोप लगा है कि उन्होंने मासूम किशोरियों को गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से बचाने के लिए आई लाखों रुपये की सरकारी वैक्सीन को खुले बाजार और निजी अस्पतालों में बेचकर भारी अवैध कमाई की है।

इस पूरे ‘वैक्सीन घोटाले’ का पर्दाफाश समाजसेवी और शिकायतकर्ता विनय जी. डेविड की शिकायत के बाद हुआ। उन्होंने बीते 16 जून को जिला कलेक्टर की जनसुनवाई में डॉ. विश्नोई के खिलाफ 98 पन्नों का एक विस्तृत शिकायती पुलिंदा पुख्ता दस्तावेजी सबूतों के साथ पेश किया।

प्रशासनिक हलचल: कलेक्टर सख्त, CMHO का 3 दिन का अल्टीमेटम

मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर कार्यालय ने तुरंत एक्शन लिया है। कलेक्टर ने इस शिकायत के निराकरण के लिए 15 दिन की समय-सीमा तय करते हुए फाइल सीधे मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) की ओर बढ़ा दी है।

कलेक्टर के कड़े रुख के बाद CMHO डॉ. नवीन कोठारी ने पत्र क्रमांक 7203 (दिनांक 18 जून 2026) जारी कर आरोपी BMO डॉ. आदर्श विश्नोई को 03 दिनों के भीतर बिंदुवार जवाब प्रस्तुत करने का कड़ा अल्टीमेटम दिया है। मामले में पारदर्शिता बनाए रखने और किसी भी प्रकार की प्रशासनिक लीपापोती को रोकने के लिए CMHO ने इस पत्र की एक प्रति सीधे शिकायतकर्ता को भी भेजी है।

800 मासूम बच्चियों की जिंदगी दांव पर, ऐसे रचा ’25 लाख का खेल’

पाटन विकासखंड की 14-15 वर्ष की किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर के खतरे से बचाने के लिए सरकार द्वारा अमेरिकी कंपनी निर्मित गार्डासिल-4′ (Gardasil-4) वैक्सीन के 1589 डोज मुफ्त लगाने हेतु उपलब्ध कराए गए थे। वर्तमान में इस वैक्सीन की ऑनलाइन और निजी बाजार में कीमत लगभग 3,534 रुपये प्रति डोज है।

महंगी वैक्सीन को बाजार में ब्लैक करने के लिए जो शातिराना साजिश रची गई, उसकी परतें बेहद चौंकाने वाली हैं:

 अधीनस्थ कर्मचारियों पर दबाव: BMO डॉ. विश्नोई ने अपने प्रशासनिक नियंत्रण का इस्तेमाल करते हुए क्षेत्र की 30 एएनएम (ANM) और 210 आशा कार्यकर्ताओं को फर्जी सूचियां थमा दीं। उन्हें गुमराह किया गया कि इन बच्चियों का वैक्सीनेशन ब्लॉक मुख्यालय में पहले ही हो चुका है, इसलिए वे सिर्फ इनका नाम सरकारी पोर्टल पर चढ़ा दें।

 डेटा से खिलवाड़ और फर्जी OTP: यूविन (U-Win) पोर्टल पर वास्तविक हितग्राहियों के माता-पिता के असली नंबरों को छिपा दिया गया। उनकी जगह स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं या अन्य फर्जी नंबरों को दर्ज कर, उन पर ओटीपी (OTP) लिया गया और फर्जी डिजिटल सर्टिफिकेट जनरेट कर दिए गए।

 सॉफ्टवेयर के लूपहोल का फायदा:चूंकि यूविन सॉफ्टवेयर एक मोबाइल नंबर पर अधिकतम 10 ओटीपी की अनुमति देता है, इसलिए सुरक्षा चक्र को तोड़ते हुए एक-एक मोबाइल नंबर पर 10-10 फर्जी नाम दर्ज किए गए।

BMO ने कागजी बाजीगरी करते हुए वरिष्ठ अधिकारियों और शासन को पाटन विकासखंड में ‘शत-प्रतिशत लक्ष्य’ हासिल करने की फर्जी रिपोर्ट भेज दी। कागजों में 1589 बालिकाओं को टीका लगाने का दावा किया गया, जबकि धरातल पर लगभग 800 बच्चियों को टीका लगा ही नहीं। उनके हक की 50 प्रतिशत जीवनरक्षक वैक्सीन को खुले बाजार और निजी नर्सिंग होम में अवैध रूप से बेच दिया गया।

डिजिटल डेटा ने खोली पोल: एक नंबर पर 6 अलग-अलग समाजों की बेटियां

इस महाघोटाले की जालसाजी इतनी कची थी कि सरकारी पोर्टल की एक सामान्य सर्च ने ही इसका भंडाफोड़ कर दिया। शिकायत के अनुसार, यूविन पोर्टल पर जब एक संदिग्ध मोबाइल नंबर 9109769409 को सर्च किया गया, तो इस पर अलग-अलग जाति, धर्म और परिवारों की 6 बेटियों के नाम रजिस्टर्ड मिले:

 1. निधि शर्मा (ब्राह्मण समाज)

 2. आलिया (मुस्लिम समाज)

 3. ज्योति

 4. स्नेहा लोधी (पिछड़ा वर्ग)

 5. कृष्णा

 6. रश्मि जैन (जैन समाज)

यह इस बात का सीधा सबूत है कि असली लाभार्थियों को गायब कर शत-प्रतिशत फर्जी डेटा एंट्री की गई है, जो भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत धोखाधड़ी और जालसाजी का संगीन अपराध है।

शिकायतकर्ता की मांग: तत्काल दर्ज हो FIR, डॉ. विश्नोई की संपत्ति से हो वसूली

शिकायतकर्ता विनय जी. डेविड ने प्रशासन से मांग की है कि:

 * कैंसर के खतरे के साये में जी रही वंचित किशोरियों का तुरंत वास्तविक टीकाकरण कराया जाए।

 * डॉ. विश्नोई के कब्जे या अन्य ठिकानों पर छिपाई गई वैक्सीन को फौरन जब्त किया जाए ताकि उसे बाजार में न बेचा जा सके।

 * अब तक बेची जा चुकी सरकारी वैक्सीन की पूरी कीमत डॉ. विश्नोई की व्यक्तिगत संपत्ति से वसूल की जाए।

 * लोक सेवक के पद का दुरुपयोग, सरकारी संपत्ति की कालाबाजारी, जालसाजी और मासूमों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने के आरोप में डॉ. विश्नोई के खिलाफ तत्काल आपराधिक मामला (FIR) दर्ज कर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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